BoAt IPO: दूसरी बार आईपीओ लाने की तैयारी में कंपनी, 2000 करोड़ रुपये जुटाने का है लक्ष्य

BoAt IPO: कंपनी को Qualcomm Ventures, InnoVen Capital, Warburg Pincus और Fireside Ventures सहित प्रमुख निवेशकों का समर्थन प्राप्त है।
boAt IPO: दूसरी बार आईपीओ के लिए अप्लाई करेगी कंपनी, 2000 करोड़ रुपये जुटाने का है प्लान
आईपीओ लाने की तैयारी में BoAt
Published on: 
Updated on: 

नई दिल्ली: कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड boAt अपना आईपीओ लाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए कंपनी कॉन्फिडेंशियल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल करने की योजना बना रही है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए 2000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड का वैल्यूएशन 1.5 बिलियन डॉलर से अधिक हो सकता है, हालांकि अंतिम आंकड़े अभी तय नहीं किए गए हैं। कंपनी दूसरी बार आईपीओ लाने का प्रयास कर रहा है। इससे पहले भी बोट ने आईपीओ लाने की कोशिश कर चुकी है।

बता दें कि बोट का यह दूसरा आईपीओ प्रयास है। इससे पहले कंपनी ने 2022 में 2000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए आवेदन किया था। हालांकि, अनफेवरेबल मार्केट कंडीशंस की वजह से कंपनी ने अपनी एप्लीकेशन वापस ले ली थी। उस समय लिस्टिंग के साथ आगे बढ़ने के बजाय, boAt ने निजी फंडिंग के जरिए 60 मिलियन डॉलर (करीब 520 करोड़ रुपये) जुटाने का विकल्प चुना था।

2024 में वियरेबल मार्केट में 26.7 फीसदी हिस्सेदारी

कंपनी की स्थापना 2013 में हुई थी और 2014 में इसने अपना फ्लैगशिप ब्रांड लॉन्च किया था। 2024 की दूसरी तिमाही तक, कंपनी के पास भारत के वियरेबल मार्केट में 26.7 फीसदी हिस्सेदारी थी। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 की दूसरी छमाही में ऑडियो सेगमेंट में स्थिरता देखने को मिली, लेकिन ब्रांड ने ऑनलाइन बिक्री में शानदार सफलता हासिल की।

कंपनी को प्रमुख निवेशकों का समर्थन प्राप्त

कंपनी को Qualcomm Ventures, InnoVen Capital, Warburg Pincus और Fireside Ventures सहित प्रमुख निवेशकों का समर्थन प्राप्त है। अपनी मजबूत बाजार उपस्थिति और निवेशकों के सहयोग के कारण, boAt के आईपीओ में संस्थागत और खुदरा निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिल सकती है।

DRHP फाइलिंग से boAt को अपनी फाइनेंशियल और वैल्यूएशन डिटेल्स को फाइनलाइज करने की अनुमति मिलेगी, इससे पहले कि वे सार्वजनिक की जाएं। यह एक ऐसा कदम है जिसे मार्केट टाइमिंग और रेगुलेटरी अप्रूवल्स को ध्यान में रखते हुए तेजी से अपनाया जा रहा है।

Navbharat Live
navbharatlive.com