'लागल-लागल झुलनिया...', क्या है इसका अर्थ; कैसे इस एक लाइन से सियासी हवा बदल देते हैं लालू यादव

Lalu Yadav: महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा का शुभारंभ रविवार को सासाराम से हुआ, जिसमें आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव इस यात्रा में शामिल हुए और हमेशा की तरह अपने ठेठ अंदाज में नजर आए।

Lalu Yadav: महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा का शुभारंभ रविवार को सासाराम से हुआ, जिसमें राहुल गांधी, तेजस्वी यादव समेत गठबंधन के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव भी इस यात्रा में शामिल हुए और हमेशा की तरह अपने ठेठ अंदाज में नजर आए। मंच से उन्होंने भोजपुरी गीत की पंक्तियां दोहराकर बीजेपी पर निशाना साधा। लालू ने भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि लागल-लागल झुलनिया के धक्का, बलम कलकत्ता चलअ…” उनका संकेत साफ था कि विरोधियों को ऐसा धक्का देंगे कि वे बहुत दूर चले जाएंगे। बता दें कि लालू यादव पिछले कुछ वर्षों से लगभग हर सभा में यह गीत गुनगुनाते आ रहे हैं, लेकिन इसका अर्थ कुछ और है… आइए वीडियो में जानते हैं।

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