JDU नेताओं का केजरीवाल पर पलटवार; दलितों और पिछड़ों के लिए उनकी प्रतिबद्धता पर उठाए कई सवाल, जानें पूरा विवाद

जद (यू) नेताओं ने केजरीवाल पर पलटवार करते हुए अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और पूर्वांचलियों के लिए उनकी प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठाए। संजय झा ने केजरीवाल को लिखे एक पत्र में कहा कि उनकी पार्टी सहित...
JDU नेताओं का केजरीवाल पर पलटवार; दलितों और पिछड़ों के लिए उनकी प्रतिबद्धता पर उठाए कई सवाल, जानें पूरा विवाद
JDU के नेता, फोटो सोर्स - सोशल मीडिया
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नई दिल्ली : जनता दल यूनाइटेड ने शुक्रवार (20 दिंसबर) को आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर दलितों और पिछड़े वर्गों को प्रतिनिधित्व नहीं देने का आरोप लगाया और कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे नेता को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जैसे व्यक्ति को सुझाव देने का कोई अधिकार नहीं है। जद (यू) के दो प्रमुख नेताओं, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बचाव भी किया और कहा कि उन्होंने केवल आंबेडकर के प्रति कांग्रेस के अपमानजनक रवैये की कलई खोली थी।

जद (यू) नेताओं ने केजरीवाल पर किए पलटवार

जद (यू) नेताओं ने केजरीवाल पर पलटवार करते हुए अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और पूर्वांचलियों के लिए उनकी प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठाए। संजय झा ने केजरीवाल को लिखे एक पत्र में कहा कि उनकी पार्टी सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) परिवार का हर सदस्य समाज के हर वर्ग को साथ लेकर ‘विकसित भारत' की ओर तेजी से कूच कर रहा है, लेकिन देश की प्रगति और लोगों की खुशी ‘एक वर्ग' को नागवार गुजर रही है। उन्होंने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री से कहा, ‘‘मेरा आग्रह है कि देश की प्रगति के प्रति दुराग्रह छोड़िए, सकारात्मक सोचिए। इस देश का संविधान बहुत मजबूत है।''

इसलिए संजय झा ने केजरीवाल को लिखा है पत्र

झा ने केजरीवाल को यह पत्र उनके उस पत्र के जवाब में लिखा है, जिसमें उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी पर गहराई से विचार करने का अनुरोध किया था। केजरीवाल ने एक्स पर पत्र साझा करते हुए कहा था कि लोगों को लगता है कि जो लोग आंबेडकर से प्यार करते हैं, वे उस भाजपा का समर्थन नहीं कर सकते, जिसने भारत के संविधान के निर्माता का अपमान किया। उन्होंने कुमार से इस पर गंभीरता से विचार करने को कहा था। झा ने इसके जवाब में केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें इस बात का दर्द है कि अमित शाह ने उच्च सदन में इंडिया गठबंधन के नेता राहुल गांधी, उनकी पार्टी और उनके परिवार की कलई खोल दी थी।

कांग्रेस ने बार-बार बाबा साहेब को अपमानित किया, जद (यू) के नीतीश कुमार उनके आदर्शों पर चलते रहे...

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जहां बार-बार बाबा साहेब को अपमानित किया, वहीं जद (यू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार उनके आदर्शों पर चलते रहे। राज्यसभा के सदस्य झा ने केजरीवाल को याद दिलाया कि 2014 में जब नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, तब उन्होंने महादलित समाज से आने वाले जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाया था, जबकि उन्होंने (केजरीवाल)जब इस्तीफा दिया, तो उन्हें कोई दलित, इस पद के लायक नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि पंजाब में दलितों की आबादी सबसे अधिक है, लेकिन वहां भी मुख्यमंत्री चुनते वक्त उन्हें कोई दलित याद नहीं आया, जबकि 2017 के पंजाब चुनाव में उन्होंने दलित को उपमुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था। झा ने आप नेता को जवाब देते हुए लिखा कि उन्होंने दलित और पिछड़ी जातियों के एक भी नेता को राज्यसभा तक में नहीं भेजा।

उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल के एक ऐसे संगठन से संबंध रहे हैं, जो आरक्षण के खिलाफ अपने रुख के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘जिस कांग्रेस के साथ कभी गठबंधन नहीं करने की शपथ खाई थी, उसके साथ 2013 में सरकार बनाई, और अब भी गठबंधन में हैं।''

उन्होंने केजरीवाल पर बिहार और पूर्वांचलियों से नफरत करने का आरोप भी लगाया और कहा कि वे आज राष्ट्रीय राजधानी में किन परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं, किसी से छिपा नहीं है। सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि केजरीवाल को जद(यू) अध्यक्ष से सवाल करने का कोई अधिकार नहीं है।

उन्होंने वरिष्ठ कार्यकर्ता अन्ना हजारे के नेतृत्व में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के जरिए राजनीति में प्रवेश करने के बाद भ्रष्टाचार के एक मामले में जेल में रहने पर केजरीवाल पर कटाक्ष किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक भ्रष्ट व्यक्ति को ऐसे नीतीश कुमार को सलाह देने का कोई अधिकार नहीं है, जो एक केंद्रीय मंत्री रहे और अब इतने सालों तक मुख्यमंत्री हैं और आज तक उन पर किसी कदाचार का आरोप नहीं लगा।

अमित शाह ने इतिहास के उन पन्नों को पलटा, जिसे इंडिया गठबंधन के नेता देखना नहीं चाहते

झा ने अपने पत्र में लिखा, ‘‘अमित शाह ने उस दिन इतिहास के उन पन्नों को पलटा, जिसे आप और आपके गठबंधन के नेता राहुल गांधी देखना नहीं चाहते। शाह ने देश को बताया कि किस तरह दलितों और महिलाओं की उपेक्षा से आहत होकर आंबेडकर को नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था। मैं समझ सकता हूं कि आपको और आपके गठबंधन के नेता राहुल गांधी को इस तरह की चर्चा बिल्कुल पसंद नहीं आई होगी।''

उन्होंने कहा कि कांग्रेस 1990 तक बिहार में सत्ता में थी और 2005 तक राजद के साथ गठबंधन करके इसका लाभ उठाया, लेकिन यह कुमार ही थे, जिन्होंने स्थानीय निकायों में दलितों और अत्यंत पिछड़े वर्गों को आरक्षण दिया। झा ने कहा, ‘‘नीतीश कुमार ने बाबा साहेब के पदचिह्नों पर चलते हुए बिहार में दलित और पिछड़ों के लिए जो किया, आप और आपके गठबंधन के नेता राहुल गांधी उसे करने की कल्पना भी नहीं कर सकते।''

एजेंसी इनपुट के साथ।

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