IRCTC घोटाले में लालू परिवार को राहत या नई मुश्किल? अगस्त तक टला फैसला, अब इस दिन कोर्ट सुनाएगी बड़ा फैसला

IRCTC Scam Lalu Prasad Yadav: राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ आरोप तय करने का फैसला अगस्त तक टल गया।
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लालू प्रसाद यादव (सौजन्य-IANS)
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IRCTC Money Laundering Case: बिहार में अब लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को राहत मिलने वाली है या मुश्किलें बढ़ेंगी, इस बात पर फैसला अब और आगे बढ़ गया। IRCTC घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर फैसला शुक्रवार को फिर टल गया।

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट IRCTC घोटाला मामले में सुनवाई कर रही है। शुक्रवार को अदालत को लालू परिवार पर आरोप तय करने के संबंध में फैसला देना था। हालांकि, इसे 14 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया है। इससे पहले, 16 जून को अदालत ने मामले में 31 जुलाई तक के लिए आरोप तय करने पर टाल दिया था।

लालू यादव के परिवार पर भी आरोप

इस मामले में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव, बेटी मीसा भारती और हेमा यादव सहित कई अन्य लोग आरोपी हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार, 2004 से 2009 के बीच जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, तब IRCTC के होटलों के संचालन के लिए दिए गए ठेकों में अनियमितताएं की गईं।

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जांच एजेंसी ने दावा किया कि होटलों के रखरखाव का ठेका तय नियमों और प्रक्रिया का पालन किए बिना राजद प्रमुख के करीबी सहयोगियों से जुड़ी एक निजी कंपनी को दिया गया था। अभियोजन पक्ष का यह भी आरोप है कि इन ठेकों के बदले में लालू प्रसाद यादव के परिवार और उनके सहयोगियों से जुड़ी एक बेनामी कंपनी के माध्यम से करीब तीन एकड़ कीमती जमीन हासिल की गई।

आरोपों से लालू यादव के परिवार का इंकार

हालांकि, लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने लगातार इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि IRCTC होटलों के लिए टेंडर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दिए गए थे।

बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट में भी लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की ओर से दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाएं लंबित हैं, जिनमें उसी कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में उनके खिलाफ आरोप तय करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)