

Tata Motors Sanand Plant: गुजरात में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बाढ़ का असर अब देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर भी साफ दिखाई देने लगा है। देखा जा रहा है कि देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने गुजरात के सानंद प्लांट में कारों का उत्पादन फिलहाल रोक दिया है। कंपनी ने इसको लेकर जानकारी दी है कि भारी बारिश की वजह से न सिर्फ प्लांट प्रभावित हुआ है बल्कि उसके आसपास मौजूद कई सप्लायर यूनिट्स भी बाढ़ की चपेट में आ गई हैं। ऐसे में उत्पादन जारी रखना फिलहाल संभव नहीं है। वहीं सानंद प्लांट टाटा मोटर्स के सबसे अहम मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों में गिना जाता है। यहां कंपनी की लोकप्रिय कारें Tiago, Tigor, Nexon और आने वाली Sierra का निर्माण किया जाता है।
वहीं टाटा मोटर्स ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि बाढ़ से प्रभावित प्लांट और सप्लायर फैक्ट्रियों में तेजी से मरम्मत का काम चल रहा है। जिसको लेकर कंपनी को उम्मीद है कि हालात सामान्य होते ही अगले कुछ दिनों में उत्पादन दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन अभी तक कंपनी ने बाढ़ से हुए संभावित आर्थिक नुकसान का आंकड़ा साझा नहीं किया है। जिसको लेकर कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसके पास बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान का बीमा है जिससे वित्तीय नुकसान की कुछ भरपाई हो सकती है।
देखा जा रहा है कि सानंद प्लांट हर महीने बड़ी संख्या में वाहनों का उत्पादन करता है जिन्हें देशभर के डीलरशिप नेटवर्क तक भेजा जाता है। ऐसे में अगर उत्पादन लंबे समय तक बंद रहता है तो कुछ लोकप्रिय मॉडलों की सप्लाई और डिलीवरी प्रभावित हो सकती है। लेकिन अभी के लिए कंपनी के डीलर्स के पास मौजूद स्टॉक के कारण ग्राहकों पर तत्काल बड़ा असर पड़ने की संभावना को कम बताया है। पर फिर भी यदि बारिश और बाढ़ के कारण उत्पादन कई दिनों तक बाधित रहता है तो Nexon, Tiago और Tigor जैसी कारों की वेटिंग बढ़ सकती है।
जैसा कि साफ तौर पर सामने है कि पिछले कुछ दिनों में गुजरात में रिकॉर्ड स्तर की बारिश दर्ज की गई है। जिसमें अहमदाबाद में एक ही दिन में करीब 294.6 मिमी बारिश होने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। वहीं हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया जबकि रेल सेवाएं भी प्रभावित रहीं। इसका असर केवल टाटा मोटर्स तक सीमित नहीं है।
सानंद-अहमदाबाद औद्योगिक क्षेत्र में मौजूद कई ऑटोमोबाइल, दवा, टेक्सटाइल और अन्य मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने भी अपने उत्पादन पर असर पड़ने की जानकारी दी है। इससे साफ है कि प्राकृतिक आपदाएं अब केवल जनजीवन ही नहीं बल्कि देश की सप्लाई चेन और औद्योगिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर रही हैं।