खुशियों की अदालत, बिना वकील और खर्च के निपटाएं केस, जानें लोक अदालत की पूरी प्रक्रिया

भारत सामान्य अदालतों के केस को सुलझने में सालों लगाता है, वहीं एक ऐसी अदालत भी है जहां बिना वकील, बिना लंबी प्रक्रिया और बिना ज्यादा खर्च के फैसले लिए जाते हैं।
खुशियों की अदालत, बिना वकील और खर्च के निपटाएं केस, जानें लोक अदालत की पूरी प्रक्रिया
लोक आदालत अब कब लगेगी। (सौ. Freepik)
Published on
Updated on

नई दिल्ली: भारत में जहां सामान्य अदालतों में एक केस को सुलझने में सालों लग जाते हैं, वहीं एक ऐसी अदालत भी है जहां बिना वकील, बिना लंबी प्रक्रिया और बिना ज्यादा खर्च के फैसले लिए जाते हैं। यह अदालत है लोक अदालत, जिसे आम लोग 'खुशियों की अदालत' भी कहते हैं। यहां पर समाधान जल्दी, सुलभ और सौहार्दपूर्ण ढंग से होता है।

किन मामलों की होती है सुनवाई?

लोक अदालत में ऐसे केस सुने जाते हैं जो आपसी सहमति से निपटाए जा सकते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • ट्रैफिक चालान (जैसे हेलमेट न पहनना, रेड लाइट क्रॉस करना)
  • बिजली, पानी, प्रॉपर्टी टैक्स संबंधित मामले
  • बैंक लोन या ईएमआई विवाद
  • पारिवारिक झगड़े (जहां दोनों पक्ष सहमत हों)

यहां जुर्माना या तो माफ कर दिया जाता है या उसमें बड़ी छूट दी जाती है।

2025 में लाखों लोगों को मिला फायदा

2025 की अब तक की दो लोक अदालतों—8 मार्च और 10 मई—में लाखों लोगों को राहत मिली। पुराने ट्रैफिक चालानों में 50% तक की छूट दी गई और कई मामलों में पूरी माफी भी। लोगों ने इसे एक ऐसा मंच माना जहां न्याय के साथ सुकून भी मिलता है। "यहां कोई बहस नहीं होती, सिर्फ समाधान होता है।" – लोक अदालत में केस सुलझाने आए एक व्यक्ति ने कहा।

कैसे करें लोक अदालत में रजिस्ट्रेशन?

  • nalsa.gov.in पर जाएं
  • रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें: नाम, संपर्क विवरण, व्हीकल नंबर और चालान डिटेल
  • फॉर्म सबमिट करने पर मिलेगा टोकन नंबर
  • टोकन नंबर से अपॉइंटमेंट लेटर निकालें
  • निर्धारित दिन और समय पर जरूरी दस्तावेजों के साथ अदालत पहुंचे

आगामी लोक अदालत की तारीखें

जो लोग पिछली दो लोक अदालतें मिस कर चुके हैं, उनके लिए अगली तारीखें हैं:

  • 13 सितंबर 2025
  • 13 दिसंबर 2025
  • समय: सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com