Ola Electric Scooter विवाद: सात महीने की परेशानी के बाद मालिक ने जलाई अपनी S1 Pro

Ola scooter complaint: Ola Electric Scooter को लेकर लगातार सात महीने तक सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने के बाद नाराज ग्राहक ने अपना Ola S1 Pro स्कूटर पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दी।
Ola Electric Scooter विवाद: सात महीने की परेशानी के बाद मालिक ने जलाई अपनी S1 Pro
Ola s1 pro को क्यों लगाई आग। (सौ. Ola)
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Ola Electric Scooter Problem: Ola Electric Scooter को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। लगातार सात महीने तक सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने के बाद एक नाराज ग्राहक ने अपना Ola S1 Pro स्कूटर पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और कंपनी की सर्विस क्वालिटी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

करीब एक साल पहले ग्राहक ने Ola S1 Pro स्कूटर खरीदी थी। शुरुआत में सब ठीक था, लेकिन महज पांच महीने बाद ही बैटरी डिस्चार्ज की समस्या आने लगी। कंपनी की नीति के अनुसार "बैटरी डिस्चार्ज पर वारंटी नहीं है", इसलिए ग्राहक से बैटरी बदलने के लिए ₹30,000 का चार्ज मांगा गया। मजबूरी में उसने यह मान लिया और नई बैटरी का ऑर्डर दिया। लेकिन सात महीने बीत जाने के बाद भी उसे नई बैटरी नहीं मिली।

वायरल वीडियो में क्या दिखा?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्राहक गुस्से में स्कूटर को सर्विस सेंटर से बाहर खींचकर लाता है। इसके बाद वह उस पर पेट्रोल छिड़कता है और आग लगा देता है। सर्विस सेंटर का स्टाफ आग बुझाने की कोशिश करता है, लेकिन तब तक स्कूटर पूरी तरह जलकर खाक हो चुका होता है। यह वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है।

ग्राहक की शिकायतें

नाराज ग्राहक का कहना है कि उसने बार-बार सर्विस मैनेजर से संपर्क किया, लेकिन हर बार जवाब यही मिला “कल आ जाना।” उसका आरोप है कि उसकी स्कूटर के अलावा और भी कई वाहन महीनों से सर्विस सेंटर के बाहर पड़े हैं, जिन्हें ठीक नहीं किया जा रहा। ग्राहक ने यह भी आरोप लगाया कि सर्विस सेंटर पर कई बार दूसरे वाहनों के पार्ट्स को साझा किया जाता है।

क्या यह पहला मामला है?

यह पहली बार नहीं है जब Ola Electric को लेकर ग्राहकों की नाराजगी सामने आई हो। इससे पहले भी एक ग्राहक ने खराब सर्विस से परेशान होकर अपने नए Ola ई-स्कूटर को शो-रूम में आग लगा दी थी। कंपनी पर लगातार खराब सर्विस, शिकायतों की अनदेखी और बैटरी से जुड़ी समस्याओं के आरोप लगते रहे हैं।

नतीजा

यह घटना न सिर्फ कंपनी की सर्विस पर सवाल खड़े करती है, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में ग्राहकों की सुरक्षा और भरोसे की स्थिति पर भी गहरी चोट करती है। यदि कंपनियां ग्राहक सेवा और शिकायत निवारण पर ध्यान नहीं देंगी, तो ऐसे मामलों से उनकी साख पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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