

नवभारत ऑटोमोबाइल डेस्क: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का संसद में दिया गया बयान इस ओर इशारा करता है कि सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की कोशिश की, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। यह समस्या इसलिए गंभीर है क्योंकि भारत में हर साल 1.5 लाख से अधिक लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं।
गोल्डन आवर सड़क दुर्घटना के तुरंत बाद का सबसे अहम समय होता है। यह वह 60 मिनट का वक्त है, जिसमें यदि घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचा दिया जाए या प्राथमिक चिकित्सा प्रदान कर दी जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
भारत में अक्सर घटनास्थल पर लोग मदद करने के बजाय केवल भीड़ लगाते हैं, जिससे इलाज में देरी होती है। इसे रोकना जरूरी है।