Ford के EV में आ सकता है मैनुअल ट्रांसमिशन, नए पेटेंट से हुआ खुलासा

कंपनी के हाल ही में सामने आए एक पेटेंट से पता चलता है कि वह अपने इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) में मैनुअल ट्रांसमिशन जैसा अनुभव देने की तैयारी कर रही है।
Ford EV
इलेक्ट्रिक व्हीकल (सौ. सोशलव मीडिया )
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नवभारत ऑटोमोबाइल डेस्क: इलेक्ट्रिक वाहनों को उनकी स्मूद और गियरलेस ड्राइविंग के लिए जाना जाता है, लेकिन Ford कुछ नया करने की योजना बना रहा है। कंपनी के हाल ही में सामने आए एक पेटेंट से पता चलता है कि वह अपने इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) में मैनुअल ट्रांसमिशन जैसा अनुभव देने की तैयारी कर रही है।

यह पेटेंट 2023 में फाइल किया गया था और मार्च 2024 में सार्वजनिक किया गया। इसमें एक विशेष प्रकार के गियर लीवर का उल्लेख है, जो पारंपरिक गियरबॉक्स की तरह काम नहीं करता, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों में मैनुअल ट्रांसमिशन जैसा फील देता है। यह मैकेनिकल गियर्स की जगह इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर और एक्ट्यूएटर्स की मदद से मोटर की स्पीड और टॉर्क को एडजस्ट करता है।

कैसे काम करेगा Ford का नया सिस्टम?

Ford का यह मॉक शिफ्टर कार के फ्लोर के ऊंचे हिस्से पर लगाया जाएगा और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से जुड़ा होगा, जो इसे पारंपरिक गियरबॉक्स जैसा एहसास देगा। जब ड्राइवर लीवर शिफ्ट करेगा, तो यह EV के पावरट्रेन को संकेत देगा, जिससे पावर डिलीवरी में वही देरी महसूस होगी, जैसी मैनुअल ट्रांसमिशन में होती है। यह सिस्टम परफॉर्मेंस बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि ड्राइवर और वाहन के बीच एक कनेक्शन बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।

रियलिस्टिक फील देने के लिए फोर्स फीडबैक तकनीक

Ford ने इस नए सिस्टम में फोर्स फीडबैक भी शामिल किया है, जिससे गियर शिफ्टिंग और इंजन रंबल का एहसास होगा। गियर लीवर के बेस में लगे छोटे मोटर कंपन और प्रतिरोध उत्पन्न करेंगे, जिससे यह मैनुअल कार जैसा फील देगा। यह क्लासिक H-पैटर्न के साथ-साथ सीक्वेंशियल मोड में भी काम करेगा। EVs में पारंपरिक गियरबॉक्स न होने के कारण, यह गियर लीवर कार के आइडलिंग मोड में ऑटोमैटिक रूप से रिट्रैक्ट हो जाएगा। ऑटोमोबाइल से जुड़ी अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें

अन्य ऑटोमोबाइल कंपनियां भी कर रही हैं इस पर काम

Ford के अलावा Hyundai और Toyota जैसी कंपनियां भी इसी दिशा में काम कर रही हैं। Hyundai की Ioniq 5 N में पैडल शिफ्टर्स हैं, जो गियर बदलने का आभास कराते हैं, जबकि Lexus ऐसे EVs पर प्रयोग कर रहा है जिनमें सिम्युलेटेड क्लच और स्टॉलिंग फीचर होगा।

भले ही यह सिस्टम अभी केवल एक पेटेंट तक सीमित है, लेकिन यह साफ है कि ऑटोमोबाइल कंपनियां EVs को ड्राइविंग के शौकीनों के लिए अधिक रोमांचक बनाने की कोशिश कर रही हैं। यह फीचर EV की स्पीड तो नहीं बढ़ाएगा, लेकिन इसे ज्यादा मजेदार और जीवंत जरूर बना सकता है।

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