

Ford Investment In India: Ford Motor Company ने एक बार फिर भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां शुरू करने का ऐलान किया है। कंपनी तमिलनाडु के मराइमलाई नगर प्लांट में 3,250 करोड़ रुपये का निवेश कर नई जनरेशन के इंजन बनाने की योजना बना रही है। इस फैसले के साथ फोर्ड तीन साल बाद एक बार फिर भारत में उत्पादन के मोर्चे पर वापसी कर रही है।
फोर्ड का मराइमलाई नगर प्लांट 2029 तक चालू हो जाएगा और इसकी सालाना उत्पादन क्षमता 2,35,000 इंजन की होगी। कंपनी के मुताबिक, इस परियोजना से 600 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि अनेक अप्रत्यक्ष नौकरियां भी सृजित होंगी। यह कदम न केवल फोर्ड की भारत में वापसी का संकेत है, बल्कि तमिलनाडु की ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए भी एक बड़ा प्रोत्साहन माना जा रहा है।
Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, फोर्ड के शीर्ष अधिकारियों ने हाल ही में तमिलनाडु सरकार के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। कंपनी के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से मुलाकात कर इंजन निर्माण की योजना की पुष्टि की। गौरतलब है कि फोर्ड ने सितंबर 2021 में भारत में वाहन निर्माण बंद कर दिया था, क्योंकि कंपनी को लगातार घाटा और कमजोर बिक्री का सामना करना पड़ रहा था। यह कदम फोर्ड के Global Restructuring का हिस्सा था।
2022 में फोर्ड ने गुजरात के साणंद प्लांट को टाटा मोटर्स को बेच दिया था, लेकिन इंजन उत्पादन संयंत्र अपने पास ही रखा। कंपनी ने बाद में चेन्नई प्लांट को बेचने की भी योजना बनाई थी, लेकिन इसे छोड़कर अब उसी यूनिट को फिर से सक्रिय करने का फैसला किया है। 1995 में भारत में एंट्री के बाद फोर्ड ने 2 अरब डॉलर से अधिक निवेश किया था और EcoSport और Figo जैसी लोकप्रिय गाड़ियां लॉन्च की थीं।
Ford के अनुसार, यह नई उत्पादन योजना साणंद की मौजूदा इंजन फैक्ट्री को सपोर्ट करेगी, जो पहले से ही एक्सपोर्ट के लिए इंजन बनाती है। Ford के इंटरनेशनल मार्केट्स ग्रुप के अध्यक्ष जेफ मारेन्टिक ने कहा, "हम चेन्नई प्लांट की भूमिका को लेकर उत्साहित हैं और तमिलनाडु सरकार के निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद देते हैं। यह फैसला भारत की मजबूत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में हमारे भरोसे को दोहराता है।" इस निवेश से भारत एक बार फिर फोर्ड के एशियाई ऑपरेशन्स का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।