EV स्टार्टअप Fyn Mobility को मिली 2.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग, अब साउथईस्ट एशिया में करेगी विस्तार

चेन्नई की इलेक्ट्रिक व्हीकल-एज-ए-सर्विस (EVaaS) स्टार्टअप Fyn Mobility को नई फंडिंग राउंड में 2.5 मिलियन डॉलर मिले हैं, जिसे वह आने वाले समय में अपने ग्राहकों के कार्यों के लिए लगाना चाहती है।
EV स्टार्टअप Fyn Mobility को मिली 2.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग, अब साउथईस्ट एशिया में करेगी विस्तार
EV के लिए आया बढ़ा निवेश। (सौ. FYN)
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Chennai स्थित इलेक्ट्रिक व्हीकल-एज-ए-सर्विस (EVaaS) स्टार्टअप Fyn Mobility ने हाल ही में एक नई फंडिंग राउंड में 2.5 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। इस निवेश का नेतृत्व जाने-माने निवेशक विजय केडिया, फिलीपींस की Lloyd Laboratories के प्रमोटर लॉयड बालाजाडिया, और Swiggy के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर राहुल बोथरा ने किया।

अंतरराष्ट्रीय विस्तार की तैयारी

Fyn Mobility ने बताया कि यह नई पूंजी कंपनी की इलेक्ट्रिक व्हीकल फ्लीट के विस्तार, टेक्नोलॉजी स्टैक को मजबूत करने, और अंतरराष्ट्रीय बाजार, विशेषकर साउथईस्ट एशिया में प्रवेश करने के लिए इस्तेमाल की जाएगी। कंपनी ने यह भी खुलासा किया कि वह अपने अंतरराष्ट्रीय विस्तार और तकनीकी विकास के लिए 10 मिलियन डॉलर की एक और फंडिंग राउंड की योजना पर कार्य कर रही है और इसके लिए कई ग्रोथ इनवेस्टर्स से बातचीत जारी है।

प्रमुख ग्राहकों के साथ काम

Fyn Mobility पहले से ही Amazon, Flipkart, Blue Dart और Porter जैसे ब्लू-चिप ग्राहकों के साथ कार्य कर रही है। कंपनी का दावा है कि वह अपने ग्राहकों को 20% तक लॉजिस्टिक लागत में कमी, तेज और सुगम फ्लीट तैनाती, और डेटा-आधारित ऑपरेशनल इनसाइट्स प्रदान करती है। कंपनी ने कहा, "हमारी सेवा मॉडल और तकनीक की बदौलत हम लॉजिस्टिक्स कंपनियों को लागत में बचत और कुशल संचालन का लाभ दे रहे हैं। अब हमारा अगला लक्ष्य वैश्विक स्तर पर अपने समाधान पहुंचाना है।" Fyn Mobility की यह रणनीति भारतीय EV स्टार्टअप सेक्टर को वैश्विक मानचित्र पर लाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

भविष्य में नई रोशनी

Fyn Mobility में हुए इस तरह के निवेश से आने वाले समय में कोई नई तकनीक के साथ काम को आगे बढ़ते हुए भी देखा जाएगा, जो भारत के भविष्य में एक नई रोशनी के समान होने वाला है। कंपनी ने पहले ही यह दावा कर दिया है कि वह अपने ग्राहकों को 20% तक लॉजिस्टिक लागत में कमी दे रही है। वहीं, उनके अगले लक्ष्य के लिए वह वैश्विक स्तर पर अपने संसाधनों को पहुंचाना चाहती है।

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