

Noida Airport Electric Air Taxi: दिल्ली-NCR में ट्रैफिक जाम के बीच सफर करने वालों के लिए आने वाले समय में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी एक नया विकल्प बन सकती है। बता दें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और IIT मद्रास से जुड़ी डीप-टेक कंपनी The ePlane Company ने इस दिशा में समझौता किया है। जिसका मतलब साफ है कि एयर टैक्सी और एयर एंबुलेंस के संचालन के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रक्रियाएं तैयार किया जाए। लेकिन अभी इसे आम यात्रियों के लिए शुरू की गई सेवा नहीं समझना चाहिए। देखा जा रहा है कि विमान की टेस्टिंग, सुरक्षा संबंधी तैयारियां और जरूरी नियामकीय मंजूरियां इसके अगले अहम चरण हैं।
इस प्रोजेक्ट में The ePlane Company के e200X इलेक्ट्रिक विमान का इस्तेमाल करने की योजना है। यह eVTOL श्रेणी का विमान है। eVTOL का मतलब है ऐसा विमान जो बिना लंबे रनवे के सीधे ऊपर उड़ान भर सकता है और लगभग उसी तरह नीचे उतर सकता है। इसको लेकर कंपनी ने जानकारी दी है कि e200X में ऊपर उठने के लिए छह वर्टिकल रोटर और आगे बढ़ने के लिए चार अलग प्रोपेलर दिए गए हैं। वहीं इसका डिजाइन शहरी इलाकों में कम जगह में संचालन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
देखा जा रहा है कि समझौते के तहत नोएडा एयरपोर्ट परिसर में एयर टैक्सी के लिए वर्टिपोर्ट, चार्जिंग स्टेशन और शुरुआती परीक्षणों से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। वहीं वर्टिपोर्ट ऐसी खास जगह होती है जहां eVTOL विमान उड़ान भर सकें और उतर सकें। साथ ही दोनों पक्ष विमान संचालन के लिए जरूरी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) और वर्टिपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम पर भी काम कर रहे है। इसके अलावा हवाई यातायात और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय करना होगा ताकि इन विमानों को मौजूदा एयरस्पेस में सुरक्षित तरीके से संचालित किया जा सके।
एयर टैक्सी का संभावित इस्तेमाल सिर्फ यात्रियों को एयरपोर्ट से एयरपोर्ट तक पहुंचाने तक सीमित नहीं होने वाला है। इसमें कंपनी e200X को एयर एंबुलेंस के रूप में इस्तेमाल करने की भी योजना रखती है। ऐसे में भविष्य में गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने या जरूरी मेडिकल ट्रांसपोर्ट के लिए यह तकनीक उपयोगी हो सकती है। वहीं कंपनी की वेबसाइट पर विमान के एयर एंबुलेंस कॉन्फिगरेशन में मरीज और मेडिकल स्टाफ के लिए जगह का उल्लेख है। लेकिन वास्तविक सेवा की उपलब्धता और उसका संचालन संबंधित मंजूरियों पर निर्भर करेगा।
अभी के लिए e200X का फुल-स्केल प्रोटोटाइप तैयार हो चुका है और कंपनी ने ग्राउंड टेस्टिंग की जानकारी दी है। वहीं व्यावसायिक संचालन से पहले विमान को जरूरी परीक्षण और DGCA की टाइप सर्टिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। कंपनी की जानकारी बताती है कि व्यावसायिक इस्तेमाल का लक्ष्य 2028 की ओर है। वहीं अभी नोएडा एयरपोर्ट से एयर टैक्सी का किराया, तय रूट और आम यात्रियों के लिए सेवा शुरू होने की तारीख घोषित नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल यह भविष्य की कनेक्टिविटी से जुड़ी योजना है न कि तुरंत उपलब्ध होने वाली यात्रा सेवा।