

नवभारत ऑटोमोबाइल डेस्क: भारत सरकार जल्द ही ट्रैफिक चालान न भरने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की योजना बना रही है। प्रस्तावित नियम के अनुसार, यदि कोई वाहन मालिक अपने ई-चालान का भुगतान तय समयसीमा में नहीं करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस (DL) रद्द किया जा सकता है। इसके बाद वह कानूनी रूप से वाहन नहीं चला सकेगा। सरकार का यह कदम ट्रैफिक नियमों के पालन को बढ़ावा देने और बकाया चालानों की वसूली सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है।
नए ड्राफ्ट नियम के तहत, वाहन मालिकों को तीन महीने के भीतर अपने ट्रैफिक ई-चालान का भुगतान करना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित अवधि में चालान नहीं भरा गया, तो संबंधित व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
इसके अलावा, जो चालक एक वित्तीय वर्ष में तीन बार रेड सिग्नल जंप करने या खतरनाक ड्राइविंग करते हुए पकड़े जाते हैं, उनके ड्राइविंग लाइसेंस कम से कम तीन महीने के लिए निलंबित किए जा सकते हैं। इसके तहत सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी और ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रस्तावित नियमों में बीमा प्रीमियम को ट्रैफिक ई-चालान से जोड़ने की भी बात कही गई है। यदि किसी चालक के नाम पर पिछले वित्तीय वर्ष से दो या अधिक चालान पेंडिंग हैं, तो उसे अपने वाहन के बीमा का प्रीमियम अधिक भरना पड़ सकता है। इससे चालकों को चालान समय पर भरने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, देशभर में जारी किए गए ई-चालानों में से केवल 40% चालानों की ही वसूली हो पाती है। दिल्ली में यह दर सबसे कम 14% है, जबकि कर्नाटक में 21% और तमिलनाडु व उत्तर प्रदेश में यह 27% है। महाराष्ट्र और हरियाणा में यह दर सबसे अधिक 62-76% के बीच है। सरकार इस नियम के जरिए चालान वसूली की दर को बढ़ाने का प्रयास कर रही है। ऑटोमोबाइल से जुड़ी अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें
यदि यह नियम लागू हो जाता है, तो ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्ती से लगाम लगाई जा सकेगी। वाहन चालकों को समय पर ई-चालान का भुगतान करना अनिवार्य होगा, अन्यथा उनका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। इससे सड़क पर अनुशासन बढ़ेगा और दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है।