अब एक-दूसरे से बात करेंगी कारें, 2028 से भारत में बदल सकती है ड्राइविंग, हादसों से पहले ही मिलेगा अलर्ट

V2V Communication: सोच के देखिए कि आपकी कार किसी मोड़ के पीछे छिपे खतरे या आगे चल रहे वाहन के अचानक ब्रेक लगाने की जानकारी पहले ही आपको दे दे। यह भारत का नया भविष्य बनने वाला है।
Cars will now communicate with each other V2V Communication For Road Safety
V2V Communication(Source. Gemini)
Updated on

Mahindra Scorpio-N Facelift हुई लॉन्च, कीमत ने चौंकाया, पैनोरमिक सनरूफ से ADAS तक मिले कई प्रीमियम फीचर्स

V2V Communication For Road Safety: सोच के देखिए कि आपकी कार किसी मोड़ के पीछे छिपे खतरे या आगे चल रहे वाहन के अचानक ब्रेक लगाने की जानकारी पहले ही आपको दे दे। यह किसी साइंस फिक्शन फिल्म की कहानी नहीं बल्कि भारत में जल्द हकीकत बन सकती है। बता दें कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) एक नई Vehicle-to-Vehicle (V2V) कम्युनिकेशन तकनीक पर काम कर रहा है जिसके जरिए वाहन आपस में रियल-टाइम डेटा साझा करेंगे। इसका मकसद सड़क हादसों को कम करना और ड्राइविंग को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित बनाना है।

2027 से होगी शुरुआत, 2028 में हो सकता है अनिवार्य

जानकारी में सामने आया है कि सरकार ने इस तकनीक को लागू करने के लिए चरणबद्ध ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसमें प्रस्ताव के अनुसार 1 अक्टूबर 2027 से बनने वाले L, M और N श्रेणी के वाहनों में यदि V2V सिस्टम लगाया जाता है तो उसे AIS-230 मानक का पालन करना होगा। इसके बाद 1 अक्टूबर 2028 से इन श्रेणियों के सभी नए वाहनों में V2V कम्युनिकेशन सिस्टम अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया है। लेकिन अभी यह अंतिम फैसला नहीं है और सरकार ने इस पर विशेषज्ञों व आम लोगों से 30 दिनों के भीतर सुझाव मांगे हैं।

कैसे काम करेगी बातें करने वाली कारों की तकनीक?

V2V तकनीक के बारे में बताया ज रहा है कि इसके जरिए वाहन एक-दूसरे के साथ स्पीड, लोकेशन, दिशा और एक्सीलरेशन जैसी महत्वपूर्ण जानकारी रियल-टाइम में साझा करेंगे। उदाहरण के तौर पर देखे ततो यदि आगे चल रही कार अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगाती है या कोई वाहन गलत दिशा से आ रहा है तो पीछे आने वाली कार को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। इससे चालक समय रहते प्रतिक्रिया दे सकेगा और दुर्घटना की आशंका काफी हद तक कम हो सकती है।

ADAS से होगी ज्यादा स्मार्ट और सुरक्षित ड्राइविंग

देखा जजा रहा था कि अब तक अधिकांश सुरक्षा फीचर्स केवल कार में लगे सेंसर और कैमरों पर निर्भर करते हैं। लेकिन V2V तकनीक इनकी सीमाओं से आगे जाकर काम करेगी। जिसमें यह Advanced Driver Assistance System (ADAS) के साथ मिलकर ऐसे खतरों की भी जानकारी दे सकेगी जिन्हें ड्राइवर या वाहन के सेंसर तुरंत नहीं देख पाते। यही वजह है कि इसे भविष्य की स्मार्ट मोबिलिटी का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

Cars will now communicate with each other V2V Communication For Road Safety
Mahindra Scorpio-N Facelift हुई लॉन्च, कीमत ने चौंकाया, पैनोरमिक सनरूफ से ADAS तक मिले कई प्रीमियम फीचर्स

AIS-230 और C-V2X तकनीक निभाएंगे बड़ी भूमिका

इस सिस्टम के संचालन के लिए सरकार ने 5.875 GHz से 5.925 GHz फ्रीक्वेंसी बैंड निर्धारित किया है जिसे दूरसंचार विभाग पहले ही लाइसेंस-फ्री घोषित कर चुका है। V2V सिस्टम C-V2X (Cellular Vehicle-to-Everything) तकनीक और ऑन-बोर्ड यूनिट के जरिए काम करेगा। वहीं AIS-230 मानक में साइबर सुरक्षा, रेडियो परफॉर्मेंस, GPS ट्रैकिंग और विभिन्न मौसमों में सिस्टम की विश्वसनीयता जैसी तकनीकी गाइडलाइंस शामिल हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com