अकोला बनेगी बालहक्क संरक्षण समिति

वाशिम. बालकों के अधिकारों के संरक्षण और बालविवाह प्रतिबंधित करने के लिए जिले में तीन चरणों में विशेष मुहिम शुरू की गई है़ इसके लिए 10 प्रतिशत निधि आरक्षित रखने की सिाफारिश 14 वें वित्त आयोग ने की
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वाशिम. बालकों के अधिकारों के संरक्षण और बालविवाह प्रतिबंधित करने के लिए जिले में तीन चरणों में विशेष मुहिम शुरू की गई है़ इसके लिए 10 प्रतिशत निधि आरक्षित रखने की सिाफारिश 14 वें वित्त आयोग ने की है़ स्वतंत्रता दिन से शुरू हुए इन तीन चरणों में ग्रामसभा के माध्यम से विविध प्रस्ताव पारित करने के साथ, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, पर ध्यान केंद्रीत किया जाएगा़ इसके लिए महाराष्ट्र ग्राम परिवर्तन अभियान (व्हीएसटीएफ) और यूनिसेफ ने पहल की है़.

वाशिम जिले समेत महाराष्ट्र के 25 जिले व 850 गांवों में लगातार तीन माह यह मुहिम चलाकर नागरिकों को मुख्यत: बालहक्क रक्षण और बालविवाह प्रतिबंध बाबत महत्व अवगत कराया जाएगा़ 30 अगस्त तक चलनेवाले पहले चरण में ग्रामसभा के माध्यम से विविध प्रस्ताव पारित किए जाएंगे़ उसी प्रकार से मुख्यमंत्री ग्रामविकास योजना के कार्यकर्ता अपने अपने कार्यक्षेत्र मे बालहक्क रक्षण समिति या स्थापित करके कार्य शुरू करेंगे़ यह कार्यकर्ता बालकों के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक उनको सर्वोत्तम शिक्षा प्राप्ति के लिए प्रयास करेंगे़

11 अक्टूबर से दूसरा चरण
11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिन से दूसरे चरण में, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अमल पर ध्यान केंद्रीत करके यूनिसेफ अधिकारियों के सहयोग से बालकों की समस्याओं पर चर्चा के लिए शाला व बचतगुटों की बैठकों का आयोजन किया जाएगा. बैठकों में बढ़ती आयु के अनुसार बालकों में होनेवाले परिवर्तन की जानकारी के साथ यूनिसेफ ने तैयार किए सूचना पत्रक, पुस्तिका छात्र व पालकों को देकर बालहक्क और बालविवाह विषयों पर तैयार कि गई विविध सूचना फिल्म बताए जाएंगे़

14 नवंबर से शुरू होनेवाले अंतिम चरण में ग्रामस्थों को बालविवाह की प्रथा का अनिष्ट परिणाम समझाने के साथ ही कानून अन्य उपाय योजना बाबत जानकारी दी जाएगी़ बालविवाह किस प्रकार से घातक रहते है़ इस प्रकार से विवाह हो रहा है तो इसकी जानकारी सरकारी यंत्रणा को किस प्रकार से देना इसके लिए ग्रामस्थों को प्रशिक्षण दिया जाएगा़ इस बाबत वीएसटीएफ के रामनाथ सुब्रम्हण्यम ने बताया कि यूनिसेफ और वीएसटीएफ के संयुक्त प्रयास से चलाए जानेवाली विशेष मुहिम से ग्रामीण भागों में बालहक्क और बालविवाह बाबत भविष्य में योग्य कृति करने की मानसिकता ग्रामीणों में बनेगी़ यूनिसेफ के प्रमुख राजेश्वरी चंद्रशेखर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के बालहक्क विषयक करार में 19 की धारा में नमूद करने के अनुसार बालकों को सहन करनेवाली हिंसा ,दुर्व्यवहार, उपेक्षा इन समस्याओं पर यूनिसेफ का जोर है़