न्यायालय का दीवानी न्यायाधीश की परीक्षा में पात्रता शर्त के खिलाफ याचिका पर आंध्र सरकार को नोटिस

Supreme court
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नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने आंध्र प्रदेश में दीवानी न्यायाधीश (Civil Judge Exam) के पद पर नियुक्ति के वास्ते परीक्षा में शामिल होने के लिये तीन साल तक वकील के रूप में वकालत करने की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली एक याचिका पर राज्य सरकार को बुधवार को नोटिस जारी किया। न्यायमूर्ति इन्दिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की अवकाशकालीन पीठ ने इस याचिका पर विचार के लिये सहमति व्यक्त करते हुये आंध्र प्रदेश उच्च (Andhra Pradesh) न्यायालय के रजिस्ट्रार को भी नोटिस जारी किया।

पीठ इस याचिका पर पांच जनवरी को सुनवाई करेगी। शीर्ष अदालत आंध्र प्रदेश राज्य न्यायिक सेवा नियमों की शर्त को चुनौती देने वाली आर. वेंकटेश की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस नियम के तहत दीवानी न्यायाधीश के पद के लिये आवेदन के वास्ते वकील के रूप में कम से कम तीन साल की वकालत का अनुभव आवश्यक है। याचिका में तीन दिसंबर की अधिसूचना को भी चुनौती दी गयी है। इस अधिसूचना के माध्यम से ही राज्य में दीवानी न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) के पद पर भर्ती के लिये आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। इसमें कहा गया है कि भर्ती की यह प्रक्रिया आंध्र प्रदेश राज्य न्यायिक (सेवा और काडर) नियम, 2007 के तहत होगी। याचिकाकर्ता के वकील ने पीठ से कहा कि तीन दिसंबर की अधिसूचना के अनुसार इस पद के लिये ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि दो जनवरी है।(एजेंसी)  

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