

नई दिल्ली/मुंबई. काफी दिनों बाद आखिरकार उद्धव गुट के और शिवसेना (Shivsena) के कद्दावर नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने राहत की सांस ली है। जी हां, आज पात्रा चॉल मामले(Patra Chawl Scam) में मुंबई की PMLA अदालत ने शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत को जमानत दे दी है। इतना ही नहीं आज कोर्ट ने संजय राउत के साथ प्रवीण राउत को भी आज जमानत दे दी है।
सॉलिसिटर जनरल ने राउत की जमानत को रोकने की मांग की
हालांकि अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने जमानत आदेश पर अमल पर कुछ समय के लिए रोक लगाने की मांग की है ताकि ED मुंबई की PMLA अदालत के आदेश के खिलाफ SC में अपील कर सके। इसके फलस्वरूप अब मुंबई की PMLA कोर्ट आज दोपहर 3 बजे शिवसेना सांसद संजय राउत को जमानत आदेश पर रोक लगाने की मांग पर अपना आदेश सुनाएगी।
गौरतलब है कि, पात्रा चॉल मामले (Patra Chawl Scam) में गिरफ्तार संजय राउत की जमानत याचिका पर आज विशेष PMLA कोर्ट में सुनवाई होनी थी। पता हो कि, संजय राउत फिलहाल ऑर्थर रोड जेल में फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
इसके पहले अदालत ने धन शोधन मामले में गिरफ्तार शिवसेना के सांसद संजय राउत की जमानत याचिका पर बीते 2 नवंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और कहा था कि वह आज यानी 9 नवंबर को अपना निर्णय सुनाएगी। दरअसल तब धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) से संबंधित मामलों की सुनवाई करने वाले विशेष न्यायाधीश एम।जी देशपांडे ने कहा था कि, वह मामले में सह आरोपी प्रवीण राउत की जमानत याचिका पर भी आज यानी 9 नवंबर को फैसला सुनाएंगे।
इसी मामले पर आज उन्हें PMLA कोर्ट ने जमानत दे दी है। कोर्ट ने संजय राउत के साथ प्रवीण राउत को भी आज जमानत दे दी है। बता दें कि, संजय राउत को पात्रा चॉल जमीन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बीते 1अगस्त में गिरफ्तार किया था। वहीं इसके पहले बीते 31 जुलाई को ED ने संजय राउत के घर समेत उनके कई ठिकानों पर छापा मारा गया था और उनके परिवार से भी इस बाबत पूछताछ की थी। वहीं तब इस छापे के दौरान ED ने उनके घर से 11.50 लाख रुपए की नगदी जब्त की थी।गौरतलब है कि इससे पहले बीते 2 नवंबर को कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत आज यानी 9 नवंबर यानी तक तक के लिए बढ़ायी थी।
गौरतलब है कि, मुंबई के पात्रा चॉल के जमीन पर बने फ्लैटों की जगह नए घर बनाने को लेकर हुई बड़ी वित्तीय गड़बड़ी का है। इस वित्तीय गड़बड़ी मामले पर ED का कहना है कि, इस कांड में बड़े पैमाने पर अवैध तरीकों से रुपयों का लेन-देन हुआ है।