सूडान: फंसे भारतीयों को निकालने के लिए 'ऑपरेशन कावेरी' शुरू, 278 लोगों का पहला जत्था रवाना

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नई दिल्ली. जहां एक तरफ सूडान (Sudan) में छिड़े भयंकर गृहयुद्ध के बीच सूडान सेना दूसरे देश के नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए तैयार हो गई है। वहीं इसके बाद भारत सरकार ने ऑपरेशन कावेरी के जरिए वहां फंसे भारतीयों को बाहर निकालने का जिम्मा उठाया है। इसी क्रम में आज फंसे भारतीयों का पहला जत्था ऑपरेशन कावेरी के तहत सूडान से रवाना हुआ। जी हां आज INS सुमेधा 278 लोगों के साथ सूडान के पोर्ट सूडान से जेद्दा के लिए रवाना हो चूका है।

मामले पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि, ऑपरेशन कावेरी के तहत आज केंद्र सरकार द्वारा INS सुमेधा के जरिए 278 लोगों को सूडान से जेद्दा कि तरफ रवाना किया गया है। इसके पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सूडान में भारतीयों को निकालने की प्रक्रिया पर ट्वीट करते हुए कहा था कि सूडान में फंसे हमारे नागरिकों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन कावेरी चल रहा है। उन्होंने कहा, "हमारे जहाज और विमान उन्हें वापस घर लाने के लिए तैयार हैं।

वहीं अब तक लगभग 500 भारतीय पोर्ट सूडान पहुंच गए हैं जबकि अन्य फिलहाल रास्ते में हैं। जहां भारत सरकार के जहाज और विमान उन्हें वापस घर लाने के लिए तैयार हैं। केंद्र सारकार ने कहा कि, "हम सूडान में अपने सभी भाइयों की सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" बता दें कि, इस समय लगभग 3,000 भारतीय सूडान में फंसे हुए है।

इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूडान में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। इस समय सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच लड़ाई के कारण सूडान हिंसा का सामना कर रहा है। 72 घंटे के संघर्ष विराम के बीच भी हिंसा की खबरें आ रही हैं। दरअसल सूडानी सशस्त्र बलों (SAF) और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स के बीच 15 अप्रैल को हुई हिंसक झड़पें बेरोकटोक जारी हैं। वहीं घटना पर सूडान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हिंसा में कम से कम 424 लोगों की मौत हुई है और करीब 3,730 लोग अब तक घायल हुए हैं।

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