भारतीय गृहणियों को वित्तीय स्वतंत्रता हासिल करने में मदद कर रही हैं निष्ठा योगेश, जानिए उनके बारे में

nishta
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अक्सर हम देखते हैं कि काम-काज की जगहों पर महिला और पुरुष साथ काम करते हैं। किन्तु बहुत बार यह भी देखा गया है कि पुरुषों और महिलाओं के वेतन में भारी अंतर होता है। जिसके फलस्वरूप हमें इनकी जीवनशैली में वित्तय असमानता देखने को मिलती है। इसी खाई को भरने के लिए या महिलाओं और पुरुषों के बीच असल समानता लाने के लिए 'निष्ठा योगेश' ने अपने कदम उठाते हुए एक नई दृढ परिकल्पना स्थापित की है। तो आइए आज हम जानते हैं निष्ठा योगेश के बारे में...  

निष्ठा बताती है कि जब वह स्कूल में थी, तब वह एक क्रिएटिव डिज़ाइन लर्निंग सेंटर में रिसेप्शनिस्ट के रूप में इंटर्नशिप करती थी। वहां उन्होंने ऐसी कई महिलाओं को देखा जो "खुद में विश्वास की नई भावना" के साथ वहां चीज़ें सीखने आती थी। निष्ठा कहती हैं कि, उनका यह हमेशा से ही सोचना रहा है कि शिक्षा और प्रौद्योगिकी दोनो ही मुख्य क्षेत्र रहे हैं , जो वास्तव में खेल के क्षेत्र को समतल कर सकता है।

निष्ठा ने 2016 में, बोस्टन में बैबसन कॉलेज से आंत्रप्रेन्योरशिप में एमबीए करने के दौरान एक कौशल-आधारित पाठ्यक्रमों को पेश करने लिए एक मंच को बनाया। जो अब हुनर ऑनलाइन (Hunar Online) से जाना जाता है। वहीं इससे दो साल पहले, निष्ठा ने प्रोजेक्ट प्रीफिक्स शुरू करने और CA उम्मीदवारों की उम्मीद पूरी करने के लिए अपनी हैदराबाद के KPMG में चार्टर्ड अकाउंटेंट की नौकरी छोड़ दी थी। 

निष्ठा के अनुसार, “शहरी भारत में 200 मिलियन से ज़्यादा शिक्षित महिलाएं हैं, जिनमें से 148 मिलियन महिलाएं आज भी रोज़गार या पढ़ाई नहीं कर रही हैं। यह संख्या बेहद चौंकाने वाली है। इन सब का कारण महिलाओं की ज़िम्मेदारी, अपने परिवार की देखभाल, बाहर से कामों में अवसरों की कमी, घरेलु काम-काज, भारत में काम करने वाली महिलाओं के लिए सांस्कृतिक पूर्वाग्रह और फिर से सीखने के अवसरों की कमी शामिल हैं। साथ ही यह कोई भारत बनाम भारत समस्या नहीं है, बल्कि विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों और सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों से अलग आय वर्ग की महिलाओं के लिए एक सत्य है। निष्ठा कहती हैं कि इनमें से ज़्यादातर गृहिणी हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन अपने घर वालों की देखभाल करने के लिए समर्पित कर रखा है। 

हुनर ऑनलाइन की शुरूआत- 

निष्ठा बोस्टन से काम की देखरेख करते हुए, एक ऐसे कोर्स की डिज़ाइन करने के लिए अपने दो साल बस उन्हीं चीज़ों पर फोकस किया जो गृहणियों के लिए फायदेमंद हो। वह कहती है कि, उनका लक्ष्य बस इतना ही था कि वह महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने में मदद कर सकें। 

हुनर ऑनलाइन 30 से ज़्यादा स्किल कोर्स सिखाता है। जैसे कढ़ाई, परिधान निर्माण, कपड़े डिज़ाइनिंग, फैशन डिज़ाइनिंग, आभूषण डिज़ाइनिंग, बुटीक मैनेजमेंट, कई प्रकार के बैग बनाना आदि कोर्स शामिल हैं। वहीं जब कोई भी एक कोर्स खत्म हो जाता है, तब हुनर ऑनलाइन ने दो से तीन महीने तक महिलाओं को अपने चीज़ों का निर्माण करने और अपने माय बुटीक कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें बाजार में लाने के लिए प्रेरित किया जाता है। 

निष्ठा बताती हैं कि, उन्होंने अपने दोस्तों और परिवार से फंड्स जुटाते हुए, मई 2018 में औपचारिक रूप से अपने संचालन की शुरुआत की। साथ ही यह भी दावा किया कि 6,000 से अधिक महिलाओं को इसके द्वारा प्रशिक्षित किया है। वहीं फ्री ट्रायल के ज़रिए चार लाख से ज़्यादा यूज़र्स ऐप का इस्तमाल कर रहे हैं। इसके अलावा हुनर इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 20,000 भुगतान किए गए यूजर्स को प्राप्त करने के लिए ट्रैक पर होने का दावा भी किया गया है। साथ ही इस मोबाइल ऐप को 500,000 से अधिक बार डाउनलोड भी किया गया है।

हुनर ऑनलाइन के पास कोर्स को अच्छी तरह समझाने के लिए तकनीशियनों, चीज़ों को शूट करने के लिए अच्छे कैमरे, वीडियो एडिट और ग्राफिक डिज़ाइनिंग, साथ ही पोस्ट-प्रोडक्शन के सारे कार्य करने के लिए अनुभवी सदस्यों की भी टीम मौजूद है। 

इन सब चीज़ों को लेकर निष्ठा कहती हैं कि, हुनर पर कोर्स करने वाली हर महिला अपनी एक अनोखी यात्रा कर रही है। जिस तरह से वह इस मंच से जुड़ी हुई हैं उससे उनमें उत्पाद के प्रति विश्वास बढ़ रहा है। 

गृहणियों के लिए मदद-

निष्ठा का कहना है, गृहणियां एक अनोखी दर्शक हैं और उनकी प्रतिक्रिया से बहुत सी चीज़ें और विशेषताएं भी शामिल किए गए हैं। साथ ही वह कभी भी फिज़ूल खर्च नहीं करती हैं, लेकिन ब्रांड पर अपना भरोसा ज़रूर रखती हैं। 

हुनर के कोर्सेज़ 3,000 रुपये और 12,000 रुपये के बीच हैं। जिन्हें महिलाएं दो किस्तों में जमा कर सकती हैं। लेकिन बहुत सी महिलाएं ऐसी भी हैं जो ऑनलाइन भुगतान करना पसंद नहीं करती। उन महिलाओं के लिए हुनर ने एकमुश्त स्टार्टर किट देते हुए नकद भुगतान का विकल्प भी प्रदान किया है। जैसे कढ़ाई डिज़ाइन सिखने वाली महलिअएण को कपड़े, सुई सेट, आकृति डिज़ाइन, धागे और कढ़ाई फ्रेम वाली एक बुनियादी स्टेशनरी मिलेगी। हालांकि, हुनर ऑनलाइन पर सीखने के लिए उनके पास इंटरनेट कनेक्शन और उपकरण होना ज़रूरी है। 

इन सबके अलावा हुनर इन सारे पाठ्यक्रम के वीडियो को अंग्रेजी, हिंदी और तेलुगु भाषा में उपलब्ध करता है। साथ ही स्टार्टअप की यह भी कोशिश जारी है कि अधिक से अधिक स्थानीय भाषाओं में इसे उपलब्ध कराया जा सके। ताकि महिलाओं को बाहर जाए बगैर ही उन्हें अपनी भाषा में, किसी भी समय यह काम आए। साथ ही निष्ठा पुष्टि करती हैं कि, "ऐसा कोई मंच नहीं है जो उच्च गुणवत्ता वाले रचनात्मक पाठ्यक्रमों को डिज़ाइन कराती हैं और विशुद्ध रूप से ऑनलाइन वीडियो कक्षाएं प्रदान करते हैं।"

महिलाओं को सशक्त बनाना- 

निष्ठा का कहना है कि, भारत में कोरोना महामारी के प्रकोप से बचने के लिए ऐसी कई महिलाएं हैं, जो अपने समुदायों में फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को मास्क की आपूर्ति करने के लिए आगे आईं हैं। साथ ही वह यह भी कहती हैं, "गृहणियां हर चीज़ के लिए तैयार और प्रेरित हैं। वह बस सही अवसर और दिशा का इंतज़ार करती हैं और चमत्कार भी कर सकती हैं। 

निष्ठा कहती हैं, "एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के रूप में हुनर ऑनलाइन ने  महामारी में एडटेक उछाल का लुत्फ़ ले रही है। वहीं मई 2020 से हर दो महीने में 100 प्रतिशत की वृद्धि भी देखी गई है। हालांकि, टीम के आंतरिक संचालन में 180-डिग्री के बदलाव भी हुए थे।

हैदराबाद में मुख्यालय में हुनर के पाठ्यक्रमों के लिए साइन अप करने वाली महिलाएं भारत के 12 शहरों से आती हैं। इसके अलावा निष्ठा को देश भर में मंच के कोर्सेज़ बढ़ाने की भी उम्मीद है। हुनर की भविष्य की योजना के बारे में बात करते हुए, वह कहती है, “उन्हें यह सुनिश्चित करने की उम्मीद है कि हर एक गृहिणी के पास इस अवसर तक पहुँच सके और अगर वह ऐसा कर सकती हैं तो यह देश का एक बड़ा हिस्सा होगा जो आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो जाएगा।”