MP: मंत्री ऊषा ठाकुर का बड़ा बयान- बनना हो मूर्ति पूजक तभी 'मुस्लिम' गरबा में आएं, ना ही अपनी पहचान छिपाएं

Usha Thakur
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नई दिल्ली/भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) से आ रही बड़ी खबर के अनुसार, यहां की संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर (Usha Thakur) ने कहा कि, गरबा के कार्यक्रम में अब पहचान पत्र देखने के बाद एंट्री देनी चाहिए।  इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, अगर मुस्लिम समुदाय भी मूर्ति पूजक बनना चाहते हैं तभी गरबा के कार्यक्रम में आएं।  यह गरबा का कार्यक्रम मनोरंजन के लिए नहीं है।  इसीलिए इसमें पहचान छिपाकर आने की जरूरत नहीं है। " इसके साथ ही, मुस्लिम अकेले गरबा के कार्यक्रम में बिल्कुल भी नहीं आएं, वो अपने साथ अपनी मां, बेटी और बहन आदि को भी जरुर लेकर आएं। 

गौरतलब है कि, इसके पहले भी बीते 8 सितम्बर को ग्वालियर में कहा था कि, गरबा पंडाल लव जिहाद का बड़ा माध्यम बन चुके थे। अब सभी गरबा आयोजक सतर्क और सजग रहें। अब से गरबा पंडाल में जो भी आये, वह जरुर से अपना आइडेंटी कार्ड लेकर आएं। बगैर पहचान के गरबा पंडाल में कोई प्रवेश कर नहीं सकता। ये सब के लिए सलाह भी है और नसीहत भी ।

तब मंत्री उषा ठाकुर ने कहा था कि, यहां हमारे लोग अब सभी जागरूक है, क्योंकि गरबा पंडाल लव जिहाद का एक बड़ा माध्यम बन गए थे। इसलिए अब यह भी जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान छुपाकर गरबा पंडाल में बिल्कुल भी ना आये। क्योंकि अक्सर देखा जा रहा है कि, कुछ खास समुदाय सामाजिक कार्यक्रम को टारगेट कर रहे हैं इसके साथ ही गरबा पंडाल के माध्यम से लव जिहाद के कई मामले सामने आ रहे हैं। इसे भी अब जरुर से रोकने की बड़ी जरूरत है। इसके पहले इंदौर में ऊषा ठाकुर ने एक बयान में कहा था कि मदरसों में सभी आतंकी ही  पैदा होते हैं और इन्ही मदरसों ने जम्मू-कश्मीर को एक आतंकवादी कारखाने में बदल दिया था।

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