

नयी दिल्ली/मुंबई. अगर हम आपको कहें कि कोई किसान अगर 1100 किलो से ज्यादा प्याज बेचकर सिर्फ 13 रुपए की मामूली कमाए करे तो आप शायद सोचें कि या तो हम झूठे हैं या फिर कोई पागल। लेकिन जनाब ये मामला एकदम सच है और कृषि प्रधान राज्य महाराष्ट्र से जुड़ा हुआ है।
दरअसल सर्दियों के मौसम के दौरान प्याज की कीमतों में भारी इजाफे के बावजूद महाराष्ट्र के सोलापुर से एक किसान को 1,123 किलो प्याज बेचकर सिर्फ 13 रुपये की मामूली कमाई हुई। इधर महाराष्ट्र के किसान नेता ने जहां इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है, वही इस पर एक कमीशन एजेंट ने ये दावा किया कि खराब गुणवत्ता के चलते इस माल की इतनी कम कीमत लगाई गई है।
दरअसल घटना के अनुसार सोलापुर के कमीशन एजेंट के जरिए की गई बिक्री की रसीद में महाराष्ट्र के एक किसान बप्पू कावड़े ने कृषि बाजार में 1,123 किलो प्याज भेजा और इसके बदले उसे मात्र 1,665। 50 रुपये मिले। अब इसमें अगर खेत से कमीशन एजेंट की दुकान तक माल ले जाने की मेहनत की लागत, वजन शुल्क और सभी परिवहन खर्च शामिलकरें तो उत्पादन लागत सिर्फ 1,651। 98 रुपये है। इस गणित के हिसाब से किसान ने बप्पू कावड़े ने इतनी मेहनत के बाद सिर्फ 13 रुपये कमाए।
अब इस मामले पर कावड़े की बिक्री रसीद ट्वीट करने वाले स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के नेता और पूर्व लोकसभा सांसद राजू शेट्टी ने तवीत कर कहा कि, "अब कोई इन 13 रुपये का क्या ही कर लेगा। यह बिल्कुल ही अस्वीकार्य है। एक किसान ने अपने खेत से कमीशन एजेंट की दुकान पर प्याज की 24 बोरी भेजी और बदले में उसने इससे कमाए सिर्फ 13 रुपये। "