पश्चिम बंगाल के 'ममता सरकार' में मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक गिरफ्तार, राशन घोटाले के हैं आरोपी

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल से मिली बड़ी खबर के अनुसार, आखिरकार इनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने आज यानी 27 अक्टूबर शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के वन मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक (Jyotipriya Mallick) को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया है। जानकारी दें कि ED की एक टीम बीते गुरुवार सुबह 8 बजे के करीब मलिक के घर पहुंची थी। वहीं करीब 20 घंटे तक ED ने मलिक के घर और अन्य 7 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

इसके बाद आज यानी शुक्रवार को सुबह 4 बजे मलिक को राशन घोटाले के आरोप में अरेस्ट कर लिया गया। हालांकि गिरफ्तारी के बाद मीडिया से बातचीत में मलिक ने कहा- वह एक साजिश का शिकार हुए हैं। जानकारी दें कि वन मंत्रालय से पहले मलिक के पास खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग का प्रभार था।

क्या है आरोप
मामले पर ED सूत्रों की मानें तो रहमान की कंपनियों में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया गया था। यह भी आरोप है कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कई अनियमितताएं हुईं और राशन वितरण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। उस वक्त मलिक खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री थे।

कौन है रहमान
सूत्रों की मानें तो केंद्रीय जांच एजेंसी ने बिजनेसमैन बकीबुर रहमान की गिरफ्तारी के बाद मलिक के घर छापा मारा। रहमान बीते हफ्ते कैखाली स्थित उनके फ्लैट पर 53 घंटे से अधिक समय तक चली ED की छापेमारी के बाद गिरफ्तार हुआ था।

इसी रहमान के फ्लैट से सरकारी दफ्तरों की मोहरें लगे 100 से ज्यादा दस्तावेज मिले थे। रहमान अपने चावल मिल व्यवसाय के अलावा कई होटल, रिसॉर्ट और बार के भी मालिक हैं। वहीं उसके मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक से बढ़िया संबंध है जो व्यावसायिक हितों तक भी जाते हैं। बताया जा रहा है कि इसी रहमान ने पूछताछ के दौरान राशन घोटाले में मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक के लिप्त होने पर इशारा किया था।