

नई दिल्ली. आज केरल के कोच्चि (Kochi) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने वॉटर मेट्रो का उद्घाटन किया है। वहीं इससे पहले उन्होंने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई है। इसके अलावा कई अन्य विकास परियोजना की भी आधारशिला रखी है।
इस ख़ास मौके पर उन्होंने कहा कि, कोच्चि वाटर मेट्रो सहित देश में अधिकांश सार्वजनिक परिवहन प्रणालियां भारत में निर्मित हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के वैश्विक संपर्क कार्यक्रमों से विदेशों में रहने वाले भारतीयों को फायदा हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में दुनिया के विश्वास के पीछे कई कारण हैं और इनमें केंद्र में एक निर्णायक सरकार का होना, इसके द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास में अद्वितीय निवेश करना, जनसांख्यिकीय लाभांश प्राप्त करने के लिए निवेश करना, युवाओं को कुशल बनाना, ‘जीवन जीने की सुगमता' और ‘व्यवसाय की सुगमता' के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता शामिल है।
आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में मंगलवार को यहां आयोजित एक कार्यक्रम की शुरुआत आठ दशक से अधिक पुराने मलयालम देशभक्ति गीत से हुई, जिसे राज्य सरकार ने केरल का सांस्कृतिक गीत घोषित किया है।
यह संभवत: पहली बार है जब 1938 में स्वतंत्रता सेनानी-कवि बोधेश्वरन द्वारा लिखित ‘केरलागानम' को पिछले साल राज्य सरकार के निर्देश के बावजूद विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी वाले किसी बड़े कार्यक्रम की शुरुआत में प्रस्तुत किया गया।
गौरतलब है कि, इसके पहले आज यहां राज्य की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन (Vande Bharat Express train) को हरी झंडी दिखाई। मोदी ने सुबह साढ़े दस बजे तिरूवनंतपुरम सेंट्रल रेलवे स्टेशन (Thiruvananthapuram Central Railway Station) से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक से वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने से पहले, उन्होंने ट्रेन की एक कोच के अंदर स्कूली बच्चों के एक समूह के साथ बातचीत की थी।
जानकारी हो कि, उक्त वॉटर मेट्रो पोर्ट सिटी कोच्चि में तैयार की गई यह वाटर मेट्रो सर्विस कोच्चि सिटी से आस-पास के 10 टापुओं को जोड़ेगी। इस प्रोजेक्ट में 78 इलेक्ट्रिक बोट्स और 38 टर्मिनल्स हैं। मिली जानकारी के अनुसार इस प्रोजेक्ट के लिए 23 वॉटर मेट्रो बोट्स और 14 टर्मिनल होंगे। इनमें से 4 टर्मिनल वॉटर मेट्रो सर्विस के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। जब यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से ऑपरेशनल हो जाएगा, तब वॉटर मेट्रो सर्विस में 78 बोट्स और 38 टर्मिनल भी होंगे।