लद्दाख में बोले रक्षामंत्री राजनाथ-थोपा गया था युद्ध, 'पाक' ने पीठ में घोंपा था छुरा

भारतीय सेना ने 1999 में लद्दाख की अहम चोटियों पर अवैध कब्जा करने वाली पाकिस्तानी सेना को खदेड़ने के लिए एक भीषण जवाबी हमला किया था। करगिल विजय दिवस इस युद्ध में भारत की जीत के जश्न के तौर पर मनाया जाता है।
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नई दिल्ली. आज यानी बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने लद्दाख में करगिल युद्ध स्मारक का दौरा किया और 1999 के युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी। वहीं सिंह ने आज स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया।

आज इस ख़ास मौके पर अपने उद्बोधन में रक्षामंत्री ने कहा कि, भारत की रक्षा के लिए 1999 में देश के सैनिकों ने जो वीरता और शौर्य का प्रदर्शन किया वह स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। आज हम खुली हवा में सांस इसलिए ले पा रहे हैं क्योंकि किसी समय में 0 डिग्री से कम तापमान में हमारे सैनिकों ने ऑक्सीजन की कमी के बावजूद अपनी बंदूकें कभी नीचे नहीं की। आज कारगिल में भारत का ध्वज इसलिए लहरा रहा हैं क्योंकि 1999 में भारत के सैनिकों ने अपने शौर्य का परिचय देते हुए दुश्मनों की छाती में तिरंगा लहरा दिया था।

उन्होंने यह भी कहा कि, करगिल युद्ध भारत पर थोपा गया था, पाकिस्तान ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा था।  वहीं आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1999 के कारगिल युद्ध में जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने सम्मान स्वरूप उन्हें एक स्मृति चिन्ह और एक शॉल भी भेंट की।

इसके पहले आज केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल विजय दिवस पर द्रास में कारगिल युद्ध में अपनी जान गंवाले वाले जवानों की याद में बने 'हट ऑफ रिमेंबरेंस' संग्रहालय का भी दौरा किया। वहीं कारगिल विजय दिवस पर चार MIG-29 विमानों ने द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक के ऊपर से उड़ान भरी। यहां तीन चीतल हेलीकॉप्टर ने द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक के ऊपर से गुजरते हुए फूल बरसाए।

गौरतलब है कि, भारतीय सेना ने 1999 में लद्दाख की अहम चोटियों पर अवैध कब्जा करने वाली पाकिस्तानी सेना को खदेड़ने के लिए एक भीषण जवाबी हमला किया था। करगिल विजय दिवस इस युद्ध में भारत की जीत के जश्न के तौर पर मनाया जाता है।

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