

नई दिल्ली. बैंक खाते से लेकर प्रोविडेंट फंड (Provident fund) खाते तक नो योर कस्टमर (KYC) काफी जरूरी है। ज्यादातर लोग इसके मायने को समझते हैं। लेकिन, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के खाताधारकों अब भी शायद इसके फायदे से दूर हैं। यही वजह है कि अब तक कुल 60 फीसदी अंशधारक ऐसे हैं, जिन्होंने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) में अपना KYC अपडेट कराया है। ऐसे सदस्य EPFO की ऑनलाइन सर्विस का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। जिसके चलते करीब 40 लाख भविष्य निधि (पीएफ) अंशधारकों के खाते में ब्याज का पैसा अटका हुआ है।
घर बैठे कराएं 'केवाईसी'
केवाईसी नहीं होने पर होगा नुकसान
भविष्य निधि खाते का केवाईसी होना बहुत जरूरी है। अगर केवाईसी सही नहीं या पूरा नहीं हुआ है तो आप ईपीएफओ की ऑनलाइन सर्विस का फायदा नहीं उठा सकते हैं। केवाईसी के बिना पीएफ खातों से पैसा नहीं निकाला जा सकता। केवाईसी नहीं होने पर ईपीएफओ के मेंबर ई-सेवा पोर्टल की कई ऑनलाइन सेवाओं का लाभ नहीं ले पाएंगे। इनमें निकासी, खाता ट्रांसफर करना, नॉमिनी बनाना जैसी सेवाएं शामिल हैं।
केवाईसी कराने के फायदे