

नई दिल्ली. जहां एक तरफ हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में इस समय बारिश और लैंडस्लाइड ने कहर बरपाया हुआ है। वहीं इन सबके बीच इस कठिन समय में राजनीतिक घमासान भी अपने उफान पर है। दरअसल आज हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और सुक्खू सरकार द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियान को नाकाफी बताया।
इस बाबत आज हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बचाव अभियान का जायजा लेते हुए कहा कि, "बारिश के कारण भूंतर में बहुत नुकसान हुआ है। नुकसान इतना ज्यादा है कि इसकी भरपाई करना बहुत कठिन है। कई लोग बेघर हुए है। यहां ब्यास और पार्वती नदी मिलती है जिसके कराण मुख्य नुकसान हुआ है। मैं इन विषयों को प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के समक्ष रखूंगा। मुझे संतुष्टि है कि क्रेंद्र सरकार की तरफ से पूरी मदद की गई है।आज मुझे केंद्रीय गृह मंत्री से मिलने का समय मिला है, मैं उनके सामने ये सारी बातें रखूंगा।"
लेकिन इसके साथ ही उन्होंने सुक्खू सरकार द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियान पर तंज कसते हुए कहा कि, " फिलहाल बचाव अभियान बहुत धीमा है। राज्य सरकार स्थिति को ऐसे हल्के में नहीं ले सकती, यह सामान्य स्थिति नहीं है। बचाव अभियान तुरंत और बड़े पैमाने पर चलाया जाना चाहिए। अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में सक्षम नहीं हैं और न ही कोई ऐसा तंत्र है। नुकसान का अनुमान भी अभी तक नहीं लगाया जा सका है। यह चिंता का विषय है।"
गौरतलब है कि, हिमाचल में तीन दशक के दौरान कभी भी चार दिन के अंदर-अंदर इतनी बारिश नहीं हुई। जहां इसके पहले देखा गया कि, प्रदेश में 6 से 12 जुलाई तक 58।4 मिलीमीटर (MM) बारिश होती है। मगर इस बार यह 242।7 MM बारिश हुई है। जो नॉर्मल से 316% ज्यादा है। यानी जितनी बारिश पूरे जुलाई महीने में होती है, उतने बरसात यहां सिर्फ 7 दिन में ही हो चुकी है।