

नई दिल्ली. एक बार फिर असम और मेघालय (Assam-Meghalaya Tension) के बीच जबरदस्त तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। इसी के चलते अब शिलांग (Shillong) में असम (Assam) की कई गाड़ियों को फूंक दिया गया है। यहां पहुंचे अनेकों यात्रियों पर भी हमला किया गया है। ऐसी भी खबर है कि, बताया जा रहा है कि असम के लोगों के साथ विशेष रूप से अश्लील दुर्व्यवहार भी किया जा रहा है।
वहीं यहां के 'खासी समुदाय' के लोगों ने जान से मारने की धमकी दी गयी है। वहीं असम से कई लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर मेघालय अब छोड़ दिया है। वहीं असम के कई लोग फिलहाल अब भी शिलांग के होटलों में फंसे हुए हैं। वहीं मेघालय ने अब तक असम के वनकर्मी का शव नहीं लौटाया है। सीमा पर इस समय गहन तनाव बना हुआ है।
>
मामले पर मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने बताया था कि घटना में मेघालय के पांच और असम के एक वन रक्षक सहित कुल छह लोगों की मौत हो गई है। वहीं समस्त घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। मेघालय पुलिस द्वारा इस बाबत FIR दर्ज की गई है। घटना की मजिस्ट्रियल जांच भी जल्द शुरू होगी। मैंने घटना पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत सरमा से बात भी की है और उन्होंने अपनी तरफ से सहयोग का आश्वासन भी दिया है।
गौरतलब है कि, बीते मंगलवार को असम-मेघालय सीमा पर पुलिस द्वारा मंगलवार तड़के अवैध लकड़ी ले जा रहे एक ट्रक को रोकने के बाद हुई हिंसा में एक वन रक्षक सहित छह लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में फसाद बढ़ता देख, अब मेघालय कैबिनेट की प्रतिनिधिमंडल टीम आगामी 24 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेगी और मेघालय के पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले के मुकरोह इलाके में गोलीबारी की घटना की CBI या NIA जांच की मांग करेगी।