व्यास जी के तहखाने में 30 साल बाद हुई पूजा, ज्ञानवापी परिसर के बाहर इकट्ठा हुए भक्त, गाए भजन

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ज्ञानवापी परिसर के बाहर भक्त 'इकट्ठा'
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नई दिल्ली/वाराणसी: जहां एक तरफ ज्ञानवापी मस्जिद मामले (Gyanvapi Case) में हिंदू पक्ष की एक और जीत हो चुकी है। वाराणसी की जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में हिंदू पक्ष को पूजा करने का अधिकार दे दिया है। आज ज्ञानवापी परिसर के बाहर भक्त इकट्ठा हुए और भजन गाए।  वाराणसी कोर्ट ने बुधवार को 'व्यास जी का तहखाना' में पूजा की इजाजत दे दी।  पूजा-अर्चना बीते बुधवार देर रात से शुरू हुई।  

बता दें कि, वाराणसी की जिला अदालत के फैसले के बाद रातों-रात तहखाने से बैरिकेडिंग हटा दी गई और पूजा के लिए लोग जुटने लगे हैं। दरअसल कोर्ट ने बीते बुधवार 31 जनवरी को हिंदू पक्ष को बड़ी राहत देते हुए परिसर में मौजूद तहखाने में हिंदुओं को पूजा-पाठ करने का अधिकार देने का निर्णय सुनाया था।जिला न्यायाधीश अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने तहखाने में पूजा पाठ करने का अधिकार व्यास जी के नाती शैलेन्द्र पाठक को दे दिया है।  

वहीं अब काशी विश्वनाथ ट्रस्ट बोर्ड की ओर से अब रोज यहां पर पूजा-अर्चना होगी।बीते नवंबर 1993 तक यहां पर पूजा-पाठ होता रहा था। वहीं इस बाबत हिंदू पक्ष ने दावा किया है कि तत्कालीन प्रदेश सरकार ने 1993 में पूजा-पाठ रुकवा दिया था।ऐसे में अब फिर से पूजा-पाठ का अधिकार मिला है।      

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