अंकिता पटेल
हर साल 1 अक्टूबर को पूरी दुनिया में World Vegetarian Day मनाया जाता है, और यही दिन "वेजिटेरियन अवेयरनेस मंथ" यानी पूरे अक्टूबर महीने की शुरुआत भी करता है।
साल 1977 में नॉर्थ अमेरिकन वेजिटेरियन सोसाइटी (NAVS) ने इस दिन की स्थापना की थी, ताकि शाकाहार से जुड़ी खुशी, करुणा और इसके फायदों के बारे में लोगों को जागरूक किया जा सके।
1978 में इंटरनेशनल वेजिटेरियन यूनियन ने भी इस दिन को औपचारिक रूप से समर्थन दिया, जिसके बाद यह दिन धीरे-धीरे दुनियाभर में लोकप्रिय होता गया।
1 अक्टूबर से शुरू होने वाला यह महीना 1 नवंबर को World Vegan Day के साथ खत्म होता है, यानी पूरा अक्टूबर शाकाहार और उसके फायदों पर बात करने का मौका बन जाता है।
हालांकि वेजिटेरियन शब्द को आधुनिक रूप में 19वीं सदी में यूरोप में पहचान मिली, लेकिन शाकाहार की परंपरा प्राचीन भारत से जुड़ी मानी जाती है।
संतुलित शाकाहारी भोजन दिल की बीमारियों और स्ट्रोक के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है, क्योंकि इसमें फाइबर ज्यादा और सैचुरेटेड फैट कम होता है।
फल, सब्जियां, दालें, मेवे और साबुत अनाज से भरपूर शाकाहारी डाइट शरीर का वजन संतुलित रखने में सहायक मानी जाती है, जिससे कई जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा घटता है।
मांस उत्पादन के मुकाबले शाकाहारी खाद्य प्रणाली में पानी और जमीन की खपत कम होती है, जिससे जलवायु परिवर्तन की रफ्तार को धीमा करने में यह जीवनशैली अपनी भूमिका निभाती है।
अनुमान है कि दुनिया में करीब हर दसवां व्यक्ति शाकाहारी जीवनशैली अपनाता है, और प्लांट-बेस्ड फूड्स की उपलब्धता बढ़ने के साथ यह आंकड़ा लगातार आगे बढ़ रहा है।
अगर आप शाकाहारी नहीं हैं, तो सिर्फ आज के दिन मांस-मुक्त भोजन आजमाकर देखें, या पूरे अक्टूबर महीने के लिए खुद को एक छोटी चुनौती दें और शाकाहार के अनुभव को खुद महसूस करें।