अंकिता पटेल
कभी अपनों तक खबर पहुंचाने के लिए चिट्ठियों का इंतजार होता था, आज वही बात कुछ सेकंड में मैसेज के जरिए पहुंच जाती है।
चिट्ठी लिखना सिर्फ सूचना भेजना नहीं, बल्कि भावनाओं को शब्दों में सहेजना भी था। एक खत के जवाब का इंतजार इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देता था।
1874 में 22 देशों ने बर्न की संधि पर हस्ताक्षर कर General Postal Union की शुरुआत की, जिसने अंतरराष्ट्रीय डाक व्यवस्था को व्यवस्थित करने में बड़ी भूमिका निभाई।
1840 में ब्रिटेन में Rowland Hill के सुधारों के बाद डाक शुल्क की व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया और Penny Black दुनिया के शुरुआती डाक टिकटों में सबसे प्रसिद्ध बना।
टेलीग्राफ ने लंबी दूरी पर संदेश भेजने की गति को बदल दिया। छोटी और जरूरी सूचनाएं अब चिट्ठी के मुकाबले कहीं तेजी से भेजी जा सकती थीं।
टेलीफोन ने बातचीत को लिखे शब्दों से निकालकर सीधे आवाज तक पहुंचा दिया। अब जवाब के लिए दिनों का इंतजार नहीं, उसी समय बातचीत संभव होने लगी।
इंटरनेट के विस्तार के साथ ईमेल ने लिखित संदेशों को डिजिटल बना दिया। दस्तावेज और जरूरी जानकारी कुछ ही पलों में दूसरी जगह पहुंचने लगी।
मोबाइल फोन ने संचार को घर और दफ्तर की सीमाओं से बाहर निकाल दिया। कॉल, SMS और बाद में इंटरनेट ने बातचीत को और आसान बना दिया।
WhatsApp जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ने बातचीत को और तेज और बहुआयामी बना दिया। अब एक ही चैट में टेक्स्ट, फोटो, वीडियो, दस्तावेज और वॉइस मैसेज भेजे जा सकते हैं।
चिट्ठी से डिजिटल मैसेज तक संचार का तरीका लगातार बदला है। फिर भी लोगों को एक-दूसरे तक अपनी बात, खबर और भावनाएं पहुंचाने की जरूरत आज भी उतनी ही अहम है।