अंकिता पटेल
सेहत का मतलब केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ होना नहीं, बल्कि मानसिक रूप से अच्छा महसूस करना भी है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हमें याद दिलाता है कि मन की सेहत पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है।
हर साल 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने के प्रयासों को मजबूत करना है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2026 की थीम रखी है-“Lived experiences heard: real voices, real change”।
मानसिक स्वास्थ्य का अर्थ केवल किसी बीमारी का न होना नहीं है। इसमें भावनाओं को संभालना, रोजमर्रा के तनाव से निपटना, दूसरों से जुड़ना और जीवन के जरूरी काम कर पाना भी शामिल है।
कभी-कभी तनाव महसूस होना सामान्य है, लेकिन लगातार बेचैनी, उदासी, चिड़चिड़ापन या नींद में परेशानी को अनदेखा नहीं करना चाहिए।
मानसिक स्वास्थ्य की समस्या कमजोरी या इच्छाशक्ति की कमी का प्रमाण नहीं है। किसी व्यक्ति का मजाक उड़ाने या उसे अलग करने के बजाय सम्मान दें।
परेशानी के समय किसी भरोसेमंद दोस्त, परिवार के सदस्य या सहयोगी से बात करने से अकेलेपन का एहसास कम हो सकता है।
नियमित समय पर सोना-जागना, संतुलित भोजन, शारीरिक गतिविधि और आराम के लिए समय निकालना मानसिक स्वास्थ्य को सहारा दे सकता है।
लगातार काम का दबाव, असुरक्षित माहौल और जरूरत से ज्यादा जिम्मेदारियां मानसिक सेहत को प्रभावित कर सकती हैं। काम के बीच छोटे ब्रेक लें, अपनी सीमाएं पहचानें और जरूरत पड़ने पर सहयोग मांगें।