सिमरन सिंह
आज सोशल मीडिया, ऑनलाइन पढ़ाई, ऑफिस वर्क और OTT स्ट्रीमिंग जैसी लगभग हर जरूरत इंटरनेट पर निर्भर है। ऐसे में इंटरनेट स्पीड बेहद मायने रखती है।
सिंगापुर ने दुनिया में सबसे तेज फिक्स्ड ब्रॉडबैंड इंटरनेट वाला देश बनने का खिताब हासिल किया है। जिसकी औसत स्पीड 430.31 Mbps की है।
यह दोनों देशों ने हाई-स्पीड इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश किया है। जिसमें UAE की औसत स्पीड 375.66 Mbps, वहीं फ्रांस की औसत स्पीड 354.04 Mbps की है।
एशिया और दक्षिण अमेरिका के ये क्षेत्र भी इंटरनेट स्पीड में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसमें हांगकांग की औसत स्पीड 350.73 Mbp की है, वहीं चिली की औसत स्पीड 345.05 Mbps की है।
कम आबादी और बेहतर नेटवर्क कवरेज का बड़ा फायदा मिला है। जिसमें आइसलैंड की औसत स्पीड 343.14 Mbps की है, वहीं मकाऊ की औसत स्पीड 314.29 Mbps की है।
दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों का देश इंटरनेट स्पीड में 8वें स्थान पर है। जिसमें अमेरिका की औसत स्पीड 308.63 Mbps की है।
यूरोप के ये देश हाई-क्वालिटी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जाने जाते हैं। जिसमें स्विट्जरलैंड की औसत स्पीड 295.72 Mbps की और डेनमार्क की औसत स्पीड 292.89 Mbps है।
भारत इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में बड़ा देश है, लेकिन स्पीड के मामले में अभी काफी सुधार की जरूरत है। जिसमें भारत 102वां स्थान पर औसत फिक्स्ड ब्रॉडबैंड स्पीड 61.7 Mbps के साथ है।
भारत अभी 102वें स्थान पर है, लेकिन तेजी से बढ़ते फाइबर नेटवर्क और 5G विस्तार से भविष्य में रैंकिंग बेहतर हो सकती है।