सुनीता पांडे
शरीर में होने वाली हर छोटी-बड़ी गतिविधि का सीधा संबंध दिमाग से होता है।
अत्यधिक तनाव में शारीरिक गतिविधि कम और भूख ज्यादा लगती है।
लंबे समय का तनाव और सहूलियत वाला भोजन हमारे दिमाग में बदलाव लाता है, जिससे हमेशा भूख महसूस होती है।
तनाव में शरीर में ऊर्जा की कमी होने लगती है, जिसके बाद अचानक भूख लगती है और खाने के बाद भी पेट भरने जैसा महसूस नहीं होता है।
जब हम चिंतित होते हैं, या जब हम खुश, उदास या बोरियत महसूस कर रहे होते हैं, तो हमारी खाने की लालसा बढ़ जाती है।
तनाव में शरीर में मैग्नीशियम या कॉपर की कमी के कारण अधिक खाना खाने की इच्छा होती है।
एक अध्ययन के मुताबिक लंबे समय का तनाव हाई कैलोरी खुराक के साथ मिलकर लोगों में और ज्यादा खाने की तलब पैदा करता है।
तनाव के क्षणों में ज्यादा मीठा और खुश करने वाला भोजन करने की इच्छा होती है जिससे वजन और मोटापा दोनों बढ़ता है।
Close up of a woman doing her bills late night