प्रीति शर्मा
ज्यादा देर बैठने से शरीर का पूरा वजन रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से पर आ जाता है।
इससे पीठ की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं और ब्लड सर्कुलेशन धीमा पड़ जाता है।
लगातार बैठने से हमारी इंटरवर्टेब्रल डिस्क दबने लगती है। ज्यादा दबाव से डिस्क में सूजन बढ़ जाती है।
काम के दबाव में अक्सर झुककर बैठने लगते हैं। जिससे कमर के लिगामेंट्स में खिंचाव पैदा होता है।
जब आप घंटों हिलते-डुलते नहीं हैं तो कूल्हे और जांघों की मांसपेशियां छोटी और सख्त हो जाती हैं।
दर्द से बचने के लिए हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए अपनी जगह से उठें और थोड़ा टहलें।
हमेशा ऐसी कुर्सी चुनें जो आपकी कमर के निचले हिस्से को सहारा दे।
रोजाना सुबह भुजंगासन और कैट-काऊ स्ट्रेच करें। इससे रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है।