By: Preeti Sharma
NavBharat Live Desk
अक्सर छोटी सी परेशानी भी महिलाओं की सेहत और मूड को जल्दी प्रभावित कर देती है।
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महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन का स्तर लगातार बदलता रहता है।
जब तनाव बढ़ता है तो महिलाओं पर स्ट्रेस का असर पुरुषों के मुकाबले दोगुना तेजी से दिखता है।
अत्यधिक मानसिक थकान के कारण नर्वस सिस्टम को शांत होने का मौका नहीं मिलता।
तनाव के दौरान भावनाओं को कंट्रोल करने वाला हिस्सा ज्यादा सक्रिय होता है।
स्ट्रेस का असर सबसे पहले महिलाओं की स्किन और बालों पर दिखता है।
अत्यधिक तनाव का सीधा असर महिलाओं के मासिक धर्म पर पड़ता है।
तनाव के कारण महिलाओं में इंसोम्निया की समस्या जल्दी घर कर लेती है।