प्रीति शर्मा
गणेश चतुर्थी से 10 दिनों तक गणपति बप्पा घरों में विराजमान रहते हैं।
10वें दिन अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा को विसर्जित किया जाता है जो इस वर्ष 6 सितंबर को है।
भगवान गणेश के विसर्जन से जुड़ी कहानी महाभारत काल से जुड़ी हुई है।
महर्षि वेदव्यास ने महाभारत लेखन कार्य के लिए गणेश जी को चुना था।
लेकिन उन्होंने गणेश जी के सामने शर्त रखी कि वह बिना रुके लिखेंगे।
गणेश जी लगातार 10 दिनों तक महाभारत का लेखन कार्य करते रहे।
जिसके बाद बप्पा के शरीर का तापमान बहुत बढ़ा हुआ था।
अनंत चतुर्दशी के दिन वेदव्यास जी ने उन्हें स्नान कराया और तब से यह परंपरा चली आ रही है।