दीपिका पाल
सोशल मीडिया या किसी प्लेटफॉर्म पर 2 जून की रोटी कहावत मशहूर होती है, जिसके कई सारे मायने है।
2 जून की रोटी एक कहावत है और इसका मतलब 2 वक्त के खाने से होता है।
2 जून की रोटी कहावत का मतलब दो वक्त सुबह और शाम के खाने से होता है।
आज भी माता-पिता अपने बच्चों को अन्न का अनादर न करने के लिए इस कहावत का इस्तेमाल करते हैं।
कुछ लोग खाना बर्बाद कर रहे है, ज्यादातर उत्तर भारत में इस कहावत का इस्तेमाल किया जाता है।
भारत कृषि प्रधान देश होने की वजह से दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं हो पाती है।
इन गरीबों के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है और लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।
मोदी सरकार गरीबों के लिए मुफ्त अनाज भी उपलब्ध करा रही है, जिससे 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को फायदा हो रहा है।