प्रीति शर्मा
दुनिया भर में मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं काफी तेजी से बढ़ रही है। जिस पर ध्यान न देने से डिप्रेशन का खतरा हो सकता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं पोस्टपार्टम डिप्रेशन एक प्रकार का डिप्रेशन है जो सिर्फ महिलाओं को होता है।
पोस्टपार्टम डिप्रेशन प्रसव के बाद महिलाओं को प्रभावित कर सकता है। जिसमें तीव्र उदासी, चिंता और डिप्रेशन के लक्षण हो सकते हैं।
पोस्टपार्टम डिप्रेशन कई बार इतना खतरनाक हो जाता है कि मां के लिए अपने बच्चे की देखभाल करना भी मुश्किल हो जाता है।
भारत में आर्थिक समस्या, घरेलू हिंसा, वैवाहिक कलह, परिवार
से समर्थन की कमी जैसे स्थितियां पीडीपी
के मामले की वजह बनती हैं।
यह एक मानसिक स्थित है जो प्रसव के बाद शुरू होती है और महिलाओं को बच्चे के जन्म के बाद हफ्ते या महीनों तक हो सकती है।
इस दौरान महिलाओं को चिड़चिड़ापन, बेवजह रोना, लोगों से दूरियां, बच्चे पर ज्यादा ध्यान देना या उसे नजरअंदाज करना शामिल है।
यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के आधार पर लिखा गया है। अगर आपको हेल्थ से जुड़ी समस्या है तो डॉक्टर से अवश्य सलाह लें।