आलोक उमाकृष्ण
नल खुला छोड़ना हो या टंकी से पानी बहाना, आपकी छोटी लापरवाही हजारों लीटर पानी बर्बाद कर सकती है।
टंकी भरने के बाद भी पानी बहता रहे, तो पीने योग्य पानी नालियों में चला जाता है। फ्लोट वाल्व लगाएं और टंकी पर नजर रखें।
पानी भरने के बाद नल बंद न करना बड़ी लापरवाही है। जरूरत पूरी होते ही नल बंद करें और टपकते नल की मरम्मत कराएं।
पाइप से लगातार पानी बहाकर कार या बाइक धोने से बड़ी मात्रा में पानी खर्च हो सकता है। बाल्टी और कपड़े का इस्तेमाल करें।
घर के बाहर सड़क धोने या नल का पानी सड़क पर बहने देने से साफ पानी बेकार जाता है। सफाई के लिए पानी का सीमित इस्तेमाल करें।
घर के अंदर या नल कनेक्शन में लीकेज को नजरअंदाज न करें। छोटी रिसावट भी लगातार पानी बर्बाद करती है। समय पर मरम्मत कराएं।
छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए जुर्माने का प्रावधान किया है। नागरिकों से पानी का संयमित इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
पहली बार नियम तोड़ने पर ₹5,000, दूसरी बार ₹10,000 और तीसरी बार ₹25,000 तक जुर्माने का प्रावधान बताया गया है।
बार-बार पानी बर्बाद करने पर तीसरी बार जुर्माने के साथ आपराधिक मामला दर्ज करने की कार्रवाई भी हो सकती है। नियमों का पालन करें और पानी बचाएं।
पानी बचाना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, हम सबकी है। नल बंद रखें, लीकेज ठीक कराएं और जरूरत के अनुसार ही पानी इस्तेमाल करें।