रूपम सिंह
महाराष्ट्र के प्रमुख साढ़े तीन शक्तिपीठों में शामिल महालक्ष्मी अंबाबाई मंदिर देशभर में प्रसिद्ध है। नवरात्रि में यहां विशेष पूजा और धार्मिक आयोजन होते हैं।
तुलजापुर में स्थित तुलजा भवानी मंदिर महाराष्ट्र के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है। मां भवानी के इस मंदिर में छत्रपति शिवाजी महाराज की गहरी आस्था थी, जिसके कारण इसका ऐतिहासिक महत्व भी विशेष है।
सह्याद्रि पर्वतमाला की सात पहाड़ियों के बीच स्थित सप्तशृंगी देवी मंदिर महाराष्ट्र के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। यह मंदिर मां दुर्गा के भक्तों के लिए महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है।
पहाड़ी पर स्थित रेणुका माता मंदिर प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां सालभर श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
नवरात्रि के दौरान विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। इस अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होती है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन करने पहुंचते हैं।
मुंबई की आराध्य देवी मां मुंबादेवी को समर्पित यह ऐतिहासिक मंदिर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है।
जीवदानी माता मंदिर पालघर के विरार पूर्व में ऊंची पहाड़ी पर स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। इसे देवी जीवदानी का एकमात्र मंदिर माना जाता है।
एकवीरा देवी मंदिर, लोनावला के पास कार्ला की पहाड़ियों में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। इस मंदिर में विशेष रूप से कोली समुदाय के लोगों की गहरी आस्था है।
वज्रेश्वरी देवी मंदिर महाराष्ट्र के पालघर जिले में स्थित मां वज्रेश्वरी का प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर अपनी धार्मिक मान्यता और आसपास के प्राकृतिक गर्म पानी के कुंडों के लिए प्रसिद्ध है।
मां यमाई का यह प्रसिद्ध मंदिर महाराष्ट्र की पारंपरिक देवी-उपासना से जुड़ा है। नवरात्रि के दौरान यहां पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का विशेष महत्व रहता है।