सिमरन सिंह
बाइक या स्कूटर चलाते समय हेलमेट सिर की सुरक्षा का सबसे अहम हिस्सा है। लेकिन लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद इसकी सुरक्षा क्षमता कम हो सकती है।
समय के साथ हेलमेट की पैडिंग, लाइनिंग और फिटिंग खराब हो सकती है। इससे हेलमेट सिर पर पहले की तरह मजबूती से फिट नहीं बैठता।
हेलमेट पर मामूली खरोंच या टूट-फूट हमेशा नजर नहीं आती। कई बार गिरने या टक्कर के बाद बाहरी हिस्सा ठीक दिखता है, लेकिन अंदर की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
अगर आपका हेलमेट 5 साल से ज्यादा पुराना हो चुका है, तो उसे बदलने पर विचार करें। लंबे इस्तेमाल से इसके कई हिस्सों की क्षमता कम हो सकती है।
अगर हेलमेट की पैडिंग ढीली हो गई है, स्ट्रैप सही से काम नहीं कर रहा या हेलमेट सिर पर पहले जैसा फिट नहीं बैठता, तो नया हेलमेट लेना बेहतर है।
अगर हेलमेट किसी हादसे या तेज गिरने के दौरान जोर से टकराया है, तो उसे दोबारा इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे मामले में नया हेलमेट लेना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।
नए हेलमेट में बेहतर फिटिंग, वेंटिलेशन और इनर पैडिंग मिल सकती है। हल्का डिजाइन और बेहतर आराम रोजाना सफर को भी आसान बनाता है।
पुराने हेलमेट को सिर्फ इसलिए इस्तेमाल करते रहना कि नया खरीदने में पैसे खर्च होंगे, सही फैसला नहीं है। सड़क पर सुरक्षा के मामले में समझौता भारी पड़ सकता है।
अगर हेलमेट पुराना है, फिटिंग खराब है या उसे किसी हादसे में जोरदार झटका लगा है, तो नया और सही फिट वाला हेलमेट खरीदने पर विचार करें।