सिमरन सिंह
इसको कंकालों की झील के नाम से जाना जाता हैं।
मौसम के हिसाब से झील छोटी-बड़ी होती रहती है।
गर्मी के दिनों में जब बर्फ पिघलती है तो कंकाल दिखने लगते है।
अब तक 600-800 लोगों के कंकाल इस झील में मिले है।
बर्फ में होने की वजह से कुछ कंकालों पर मांस भी लगा है।
1942 में ब्रिटिश रेंजर्स को इस झील में पहले कंकाल मिला था।
इन हड्डियों को 1000 साल से भी ज्यादा पुराना माना जाता है।
इसमें से कई कंकाल भारत-चीन युद्ध के दौरान मारे चीनी सैनिकों के है।