सिमरन सिंह
कार के आगे और पीछे वाले शीशों के किनारों पर बनी होती हैं छोटी-छोटी काली डॉट्स… लेकिन सवाल है आखिर क्यों?
इन काली डॉट्स को कहा जाता है “फ्रिट डॉट्स” (Frit Dots)। ये कार के ग्लास का जरूरी हिस्सा होती हैं।
फ्रिट डॉट्स शीशे पर पड़ने वाले अचानक तापमान बदलाव को संतुलित करती हैं, जिससे ग्लास क्रैक नहीं होता।
तेज धूप में शीशे का किनारा ज्यादा गर्म हो जाता है, काली डॉट्स हीट को धीरे-धीरे फैलाती हैं।
शीशे को कार की बॉडी से जोड़ने वाला जो गोंद होता है, फ्रिट डॉट्स उसे मजबूत पकड़ देती हैं।
ये डॉट्स तेज रोशनी और चमक को कम करती हैं, जिससे ड्राइविंग के दौरान आंखों पर जोर नहीं पड़ता।
गोल डॉट्स धीरे-धीरे बड़े से छोटे होते जाते हैं, ताकि विजुअल ट्रांजिशन स्मूद रहे।
चाहे सस्ती कार हो या लग्ज़री, ये डॉट्स सेफ्टी स्टैंडर्ड का हिस्सा हैं।
कार का शीशा सिर्फ देखने के लिए नहीं, उसमें छिपी है साइंस और सेफ्टी की पूरी कहानी।