सिमरन सिंह
नया स्मार्टफोन खरीद लिया है और पुराने फोन में e-SIM चल रही है? अब परेशान होने की जरूरत नहीं। घर बैठे Jio, Airtel, iPhone और Android में e-SIM ट्रांसफर करने का तरीका जानें।
e-SIM फोन के अंदर डिजिटल रूप में मौजूद रहती है। इसे कोई चोर आसानी से निकालकर फेंक नहीं सकता। इससे फोन चोरी होने पर डिवाइस को ट्रैक करने में मदद मिल सकती है।
नए फोन में Airtel Thanks ऐप डाउनलोड करके लॉग-इन करें। इसके बाद e-SIM से जुड़े विकल्प पर जाएं और नए फोन का EID नंबर दर्ज करें। आगे की प्रक्रिया के लिए मिलने वाले निर्देशों का पालन करें।
Jio यूजर्स को नए फोन का 32 अंकों का EID और 15 अंकों का IMEI नंबर इस्तेमाल करना होगा। इसके लिए पुराने फोन से GETESIM लिखकर दोनों नंबर 199 पर SMS करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
दोनों iPhone को पास रखें और Bluetooth व Wi-Fi ऑन करें। नए iPhone की Settings में जाकर Mobile Service और फिर Add eSIM पर टैप करें। इसके बाद Transfer From Nearby iPhone विकल्प चुनें।
नए iPhone पर ट्रांसफर रिक्वेस्ट भेजने के बाद पुराने फोन पर एक पॉप-अप दिखाई देगा। उसे अप्रूव करें और स्क्रीन पर मांगा गया वेरिफिकेशन पूरा करें। इसके बाद e-SIM नए फोन में एक्टिवेट हो सकती है।
Google ने समर्थित Android डिवाइस के लिए e-SIM ट्रांसफर की सुविधा दी है। नए फोन के सेटअप के दौरान e-SIM ट्रांसफर का विकल्प चुनें और स्क्रीन पर दिए निर्देशों का पालन करें। सुविधा फोन और टेलीकॉम ऑपरेटर पर निर्भर करती है।
नए फोन में e-SIM एक्टिवेट होने से पहले पुराने फोन से उसका प्रोफाइल डिलीट न करें। पुराने फोन को फॉर्मेट भी न करें। पहले नए फोन में नेटवर्क और कॉलिंग की सुविधा चेक कर लें।
नया फोन स्टेबल Wi-Fi से कनेक्ट रखें। पुराने फोन को भी चालू रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर वेरिफिकेशन पूरा कर सकें। ऑपरेटर के निर्देशों के अनुसार ही QR कोड या एक्टिवेशन प्रक्रिया पूरी करें।
e-SIM ट्रांसफर के बाद सुरक्षा कारणों से SMS सर्विस पर अस्थायी रोक लग सकती है। भारत में SIM रिप्लेसमेंट या स्वैप के बाद 24 घंटे तक SMS सुविधा बंद रहने का नियम है। इसलिए UPI और बैंकिंग से जुड़े जरूरी काम पहले निपटा लें।