सिमरन सिंह
सोना सदियों से मूल्य बनाए रखता है और महंगाई के समय सुरक्षित विकल्प होता है।
ज्वेलरी, रिज़र्व बैंक और निवेशकों के बीच हमेशा मांग बनी रहती है।
कीमत में उतार-चढ़ाव चांदी की तुलना में कम होता है, जिससे यह स्थिर निवेश है।
आसानी से बेचने और खरीदने की सुविधा।
इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी की खपत बढ़ रही है।
सोने की तुलना में सस्ती, इसलिए कम निवेश में ज़्यादा यूनिट खरीदी जा सकती हैं।
मांग बढ़ने पर तेजी से रिटर्न दे सकती है।
नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर के विस्तार के साथ चांदी की कीमत में उछाल संभावित।
कम रिस्क + लंबी अवधि का स्थिर रिटर्न चाहते हैं → सोना बेहतर है।
तेज़ ग्रोथ + इंडस्ट्रियल डिमांड का फायदा लेना चाहते हैं → चांदी में संभावना ज़्यादा है।