सिमरन सिंह
शहर में ड्राइविंग हो या हाईवे का सफर, टायर में नाइट्रोजन भरवाएं या सामान्य हवा? जानिए दोनों के फायदे और किस विकल्प से आपका खर्च बच सकता है।
नाइट्रोजन हवा में मुख्य रूप से नाइट्रोजन गैस होती है। इसमें नमी कम होती है और इसका इस्तेमाल टायर का दबाव स्थिर रखने में मदद कर सकता है।
सही तरीके से भरी गई नाइट्रोजन से दबाव में होने वाले बदलाव कुछ हद तक कम हो सकते हैं। हालांकि, इससे टायर का प्रेशर चेक करना बंद नहीं करना चाहिए।
नाइट्रोजन में नमी कम होने से टायर के अंदर नमी से जुड़ी जंग का जोखिम घट सकता है। लेकिन रिम की जंग कई अन्य परिस्थितियों पर भी निर्भर करती है।
सामान्य हवा आसानी से पेट्रोल पंप और पंचर की दुकानों पर मिल जाती है। रोजाना शहर में गाड़ी चलाने वाले ज्यादातर लोगों के लिए यह पर्याप्त है, बशर्ते टायर का प्रेशर सही हो।
सामान्य हवा में ऑक्सीजन और नमी भी होती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इससे टायर जल्दी खराब हो जाएगा। सही प्रेशर और टायर की देखभाल ज्यादा जरूरी हैं।
लंबी दूरी या तेज रफ्तार में टायर का तापमान बढ़ता है। नाइट्रोजन चुन सकते हैं, लेकिन सुरक्षित सफर के लिए सही टायर प्रेशर और अच्छी स्थिति वाले टायर सबसे जरूरी हैं।
नाइट्रोजन भरवाने के लिए अतिरिक्त पैसे देने पड़ सकते हैं। अगर आपके आसपास इसकी सुविधा नहीं है, तो सामान्य हवा भरवाना ज्यादा आसान और किफायती विकल्प है।
चाहे नाइट्रोजन हो या सामान्य हवा, टायर का प्रेशर नियमित रूप से चेक करें। गाड़ी के निर्माता द्वारा बताए गए PSI के अनुसार हवा भरवाएं और संभव हो तो ठंडे टायर में जांच करें।
रोजाना शहर में ड्राइविंग: सामान्य हवा काफी है।
नाइट्रोजन की सुविधा उपलब्ध है: इसे भी चुन सकते हैं।
याद रखें, टायर की सुरक्षा के लिए गैस से ज्यादा सही प्रेशर, नियमित जांच और टायर की हालत मायने रखती है।