सिमरन सिंह
पारंपरिक चीनी चिकित्सा के अनुसार, कानों में कुछ खास पॉइंट्स पर छेद करने से शरीर के विभिन्न अंगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
आयुर्वेद में कहा गया है कि बाएं कान में लड़कों और दाएं कान में लड़कियों का छेदना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है।
कुछ वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि कान में छेद करने से मस्तिष्क की नसों पर हल्का उत्तेजनात्मक प्रभाव पड़ता है, जो दिमागी संतुलन को बेहतर बना सकता है।
कान में छेद के दौरान माइल्ड प्रिकिंग (हल्की चुभन) शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सक्रिय करती है, जिससे इम्युनिटी में सुधार हो सकता है।
क्लासिक और मिनिमल लुक, आमतौर पर कोई नकारात्मक असर नहीं।
युवाओं में ट्रेंडिंग, लेकिन ज्यादा छेद संक्रमण या स्किन इरिटेशन की संभावना बढ़ा सकते हैं।
स्टाइलिश लुक, लेकिन यह हिस्सा नाज़ुक होता है, जिससे हीलिंग में ज्यादा समय लग सकता है।
गलत जगह पर छेद नसों पर असर के साथ सिरदर्द, इन्फेक्शन या सुनने की क्षमता में गिरावट करता है, नॉन-हाइजीनिक तरीकों से छेद कान सड़ने या केलॉइड्स का खतरा बनाता है।