गोरक्ष पोफली
यह रत्नागिरी का सबसे प्रसिद्ध और खूबसूरत बीच है, जिसके पास भगवान गणेश का स्वयंभू प्राचीन मंदिर स्थित है।
अरब सागर के पास घोड़े की नाल के आकार में बना यह ऐतिहासिक किला अपनी खूबसूरती और भीतर स्थित भगवती मंदिर के लिए जाना जाता है।
जुड़वां बीच के रूप में मशहूर यह जगह अपने शांत नीले पानी, लंबे रास्तों और शानदार सूर्यास्त के नजारों के लिए प्रसिद्ध है।
बर्मा (अब म्यांमार) के निर्वासित राजा थिबाव को यहां रखा गया था। यह महल अपनी अनोखी वास्तुकला और इतिहास के लिए जाना जाता है।
काले रेत वाला यह एक लंबा और साफ बीच है, जहां शाम के समय ठंडी हवा और स्थानीय व्यंजनों का मजा लिया जा सकता है।
समुद्र के किनारे ऊंचे पठार पर स्थित यह किला पुराना इतिहास समेटे हुए है, और पास ही स्थित लाइट हाउस से समुद्र का सुंदर नजारा दिखता है।
यह एक शांत और धार्मिक स्थल है, जो स्वामी स्वरूपानंद के आश्रम और उनकी समाधि के लिए जाना जाता है।
इसे काला समुद्र तट भी कहते हैं। यह शहर के सबसे करीब है और यहाँ शाम के समय काफी रौनक रहती है।
रत्नागिरी शहर में स्थित इस संग्रहालय में विभिन्न प्रकार की मछलियां, कछुए और व्हेल मछली का कंकाल देखने को मिलता है।