Morari Bapu Birthday: मोरारी बापू का वास्तविक नाम और जीवन परिचय, शिक्षक से रामकथा वाचक बनने की कहानी

आकाश मसने

मोरारी बापू का वास्तविक नाम

मोरारी बापू का वास्तविक नाम मोरारीदास प्रभुदास हरियाणी है। भारत के एक अत्यंत लोकप्रिय और वैश्विक स्तर पर सम्मानित आध्यात्मिक गुरु और प्रसिद्ध रामकथा वाचक हैं।

मोरारी बापू | सोर्स: Pinterest

भगवान श्रीराम की महिमा प्रचार

मोरारी बापू पिछले 60 से अधिक वर्षों से देश-विदेश में भगवान श्रीराम की महिमा और रामचरितमानस का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

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मोरारी बापू का जन्म

मोरारी बापू का जन्म 25 सितंबर 1946 को गुजरात के भावनगर जिले के तलगाजर्दा गांव में हुआ। माता का नाम सावित्री बेन हरियाणी और पिता प्रभुदास बापू हरियाणी है।

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मोरारी बापू का संप्रदाय

मोरारी बापू वैष्णव बावा साधु निंबार्क संप्रदाय से आत हैं।

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प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

बापू का जन्म एक धार्मिक वातावरण वाले परिवार में हुआ था, उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सरकारी स्कूल तलगाजर्दा से पूरी की।

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शिक्षक मोरारी बापू

रामकथा में पूरी तरह लीन होने से पहले मोरारी बापू ने कुछ समय तक एक स्कूल में शिक्षक के रूप में भी कार्य किया था। सोर्स: Pinterest

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दादाजी का प्रभाव

मोरारी बापू को अध्यात्म और रामचरितमानस की दीक्षा अपने दादा और गुरु त्रिभुवनदास जी दादा से मिली थी।

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पेड़ों से चौपाइयां याद की

स्कूल जाते समय वे रास्ते में आने वाले पेड़ों को देखते हुए चौपाइयां याद करते थे। 12 वर्ष की अल्पायु में ही उन्होंने संपूर्ण रामचरितमानस कंठस्थ कर ली।

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पहली कथा

मोरारी बापू ने अपनी पहली सार्वजनिक रामकथा मात्र 14 वर्ष की आयु में गांडीला (गुजरात) में रामप्रसाद महाराज की उपस्थिति में की थी।

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व्यक्तिगत जीवन

मोरारी बापू का विवाह नर्मदा देवी से हुआ था और उनके परिवार में एक बेटा और तीन बेटियां हैं।

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