प्रीति शर्मा
बिहार की राजनीति में सीमांचल क्षेत्र एक किंगमेकर की भूमिका निभाता है।
सीमांचल के चार जिले कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज में 24 विधानसभा सीटें आती हैं।
इन जिलों की सियासत जातीय और धार्मिक समीकरणों पर आधारित है जहां मुस्लिम आबादी ज्यादा है।
वोटर अधिकार यात्रा सीमांचल की तीन जिलों की आठ विधानसभा सीट कवर कर रही है।
बिहार चुनाव में वोटर अधिकार यात्रा कांग्रेस को नया जीवन देने की कोशिश करेगी।
इसके राहुल गांधी और तेजस्वी यादव गरीब, मजदूर, किसानों से सीधा जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
वहीं, एनडीए के हिस्से में सीमांचल के विधानसभा क्षेत्र में करीब 30-40% वोटर हैं।
इस बार बिहार चुनाव में देखना दिलचस्प होगा कि वोटर अधिकार यात्रा क्या नतीजा लाती है।